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बिहार में शराब पीने वालों की अब खैर नहीं:आधार के जरिए तुरंत हो जाएगी पहचान, एक बार से ज्यादा पीते पकड़े गए तो जाएंगे जेल

बिहार में अब शराब पीकर पकड़े गए शख्स के लिए उसका पहचान छुपाना मुश्किल हो जाएगा। उसने पहली बार शराब पी है या दूसरी बार, इस बात का पता तुरंत चल जाएगा। ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए प्रशासन शराबियों का आधार नंबर दर्ज कर एक रिकॉर्ड तैयार कर रही। अगर कोई व्यक्ति दूसरी बार शराब पीते हुए पकड़ा जाता है तो पहले उसके आधार सत्यापन का मिलान होगा। फिर संबंधित व्यक्ति को 1 वर्ष की सजा दी जाएगी।

पटना में पांच स्थानों पर लगाई जा रही आधार ऑथेन्टिकेट मशीन

इसके लिए सभी जिला मुख्यालय समेत पटना में 5 जगहों पर आधार ऑथेंटिकेट करने वाली मशीन को लगाया जा रहा। बता दें कि इन मशीनों को अगले 1 हफ्ते के भीतर सभी जिलों में मौजूद उत्पाद एवं मद्य निषेध के कार्यालय में लगाकर चालू कर दिया जाएगा।

पटना में 5 जगहों पर आधार ऑथेंटिकेट करने वाली मशीन को लगाया जा रहा।

पटना में 5 जगहों पर आधार ऑथेंटिकेट करने वाली मशीन को लगाया जा रहा।

पटना में 5 जगहों के अलावा मसौढ़ी, दानापुर और पालीगंज में आधार ऑथेंटिकेटे मशीन लगाया जा रहा। इस तरीके से पूरे राज्य में कुल 42 ऐसी मशीनें लगाई जाएंगी। इसकी मदद से संबंधित जिले में कहीं भी अगर कोई शराब पीते पकड़ा जाता है, तो उसे मुख्यालय लाकर उसकी जानकारी आधार नंबर के साथ बायोमेट्रिक मशीन में दर्ज की जाएगी। पूरे बिहार में शराबबंदी है। राज्य में शराब का सेवन करना कानूनी अपराध है। सरकार ने शराबियों को आधार से रजिस्टर करने का फैसला पिछले साल किया था। ताकि बार-बार शराब पीकर पकड़े जाने वाले लोगों का आसानी से डाटा मिल जाए।

शराबियों और शराब माफियाओं को पकड़ने के लिए कई तरीके अपना रही सरकार

बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब का धड़ल्ले से बिकना रुक नहीं पाया है। पुलिस की तमाम सख्ती के बाद भी तस्कर शराब की तस्करी कर ही रहे हैं। ड्रोन, नाव और हेलिकॉप्टर के बाद अब बिहार पुलिस 50 लाख की हैंड स्कैनर मशीन से भी शराब ढूंढ रही। पटना के साथ ही कुछ जिलों में इसकी शुरुआत हो गई है।

यह मशीन बैटरी से चलती है। किसी भी गाड़ी की बंद बॉडी को भी इससे स्कैन किया जा सकता। इस मशीन की स्क्रीन पर गाड़ी के अंदर मौजूद सामान की तस्वीर आकार के रूप में देखी जा सकती है। बोतल बंद शराब, फ्रूटी शराब आदि को आसानी ये स्कैनिंग मशीन कैप्चर कर इंडिकेट कर देती है। इसके बाद चेकपोस्ट पर मौजूद टीम उन गाड़ियों को जब्त कर लेती है। इस प्रक्रिया में 30 से 40 सेकंड ही लगता है। अब तक इस हैंड स्कैनिंग मशीन से एक बस में छिपाकर लाई जा रही शराब पकड़ी जा चुकी है।

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