MUZAFFARPUR

बिहार में बाढ़ की विभीषिका के बीच मानसून की विदाई, धीरे-धीरे दस्तक दे रही गुलाबी ठंड

पटना: बिहार में नेपाल से आने वाले भारी पानी और प्रमुख नदियों के उफान ने भीषण बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे राज्य के छह जिलों में करीब 1.59 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. गंडक और कोसी समेत प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

चार जगहों पर टूटे तटबंध

बगहा और बेतिया में चार अलग-अलग स्थानों पर तटबंध टूटने से निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है. पानी के प्रचंड वेग से घरों में पानी घुस गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ रहा है.

छपरा में बह गया पूरा मकान

छपरा के हजलपुर गांव में तेज बहाव के कारण एक पूरा मकान पानी में बह गया, जिससे दहशत फैल गई है. वहीं पटना, बेगूसराय और खगड़िया में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई घाट डूब गए हैं और खतरा गहरा गया है.

मौसम विभाग से थोड़ी राहत

गुरुवार को भारी बारिश की संभावना नहीं है और मौसम विभाग ने किसी भी जिले के लिए अलर्ट जारी नहीं किया है. धूप निकलने से तापमान बढ़ सकता है, लेकिन नमी के कारण उमस बनी रहेगी.

जल्द दस्तक देगी सर्दी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून कमजोर पड़ गया है और आगामी दिनों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है. मानसून की वापसी के साथ ही वर्षा गतिविधियां थम जाएंगी और धीरे-धीरे सर्दियों का मौसम नजदीक आएगा.

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