नॉर्थ इंडिया में मार्च के अंतिम सप्ताह से ही हीटवेव होने की आशंका की जानकारी जिला प्रशासन को मिली है। हीटवेव आपदा के श्रेणी में आता है। मार्च के अंतिम सप्ताह में हीटवेव के आने की आशंका है। इस बात को मद्देनजर रखते हुए जिला प्रशासन अपने स्तर से अलर्ट हो गया है। डीएम ने आदेश दिया है कि जिन भी विभाग द्वारा जो भी दायित्व दिए गए हैं उसे अच्छी तरह से इंप्लीमेंट करें।
डीएम ने जिले के सभी नगर निकाय को कहा है कि सार्वजनिक स्थल बस स्टैंड के समीप प्याऊ की व्यवस्था हर हाल में करवाएं। सभी आश्रय स्थल को दुरुस्त रखें। कूलर की भी व्यवस्था रखें। जरूरत पड़ने पर भाड़े पर एयर कंडीशन भी लगवाए।
इसके अलावा सिविल सर्जन व मगध मेडिकल कालेज के अधीक्षक को आदेश दिया गया है। उन्हें कहा गया है कि मगध मेडिकल अस्पताल व सभी सरकारी अस्पतालों में कम से कम 2 बेड हीटवेव के लिए सेपरेट रखें। सभी अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था रखें। हीटवेव के जो s.o.p. हैं उसे पूरी अच्छी तरह से पालन करवाएं। समय पर उपचार करने से रेफेर करने की उम्मीद कम रहती है।
डीएम ने शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण क्षेत्र किसी क्षेत्र में छोटी-मोटी समस्याओं के कारण यदि पेयजल योजना बंद होती है तो उसे ठीक कराएं। बिजली विभाग को निर्देश दिया गया कि अनावश्यक रूप से बिजली न काटे। साथी नल जल योजना के तहत वाटर सप्लाई के लिए बिजली आपूर्ति सुचारू रखें।
कंट्रोल रूमगर्मी के मौसम को देखते हुए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की समस्याओं को त्वरित गति से निष्पादन के लिए जिला स्तर पर जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। 0631- 2222259, 0631- 2222253, 2225753, 2225750, 2225754, 2220038 एवं 2950140 है। इन नम्बरों पर फोन कर लोग पेयजल की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या सुबह 08 बजे से शाम 06 तक कुल 2 शिफ्ट में चालू किया गया है।



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