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बिहार में स्वाइन फ्लू की दस्तक..अबतक 2 केस:4 साल की बच्ची के बाद 47 साल का शख्स संक्रमित

पटना में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) का एक और मरीज मिला है। आरएमआरआई में तीन सैंपलों की जांच में एक 47 साल का व्यक्ति संक्रमित मिला। आरएमआरआई सूत्रों का कहना है कि मरीज मेदांता अस्पताल से आया था। मंगलवार को भी चार साल की एक बच्ची संक्रमित मिली थी।

बच्ची के परिजन एम्स से यहां जांच कराने के लिए आए थे। इनफ्लुएंजा का ही यह एक सब टाइप है। चिकित्सकों का कहना है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले तो जांच करा लें।

इसके लक्षण कोरोना से मिलते हैं। इसमें भी सर्दी-खांसी, बुखार जैसे लक्षण मिलते हैं। सुखद है कि बीमारी की पहचान हो जाने पर इलाज संभव है। इसकी दवा उपलब्ध है। पांच दिन तक दवा का कोर्स लेना पड़ता है।

सही समय पर इसकी पहचान और इलाज शुरू हो जाए तो इसका इलाज सौ फीसदी संभव है। इसके लिए एंटी वायरल दवा भी उपलब्ध है। इनफ्लुएंजा का वैक्सीन भी उपलब्ध है। हालांकि यह बहुत तेजी से फैलता है। टीका लेने पर इससे बचाव संभव है।

सही समय पर पहचान और इलाज नहीं होने से मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है और कभी-कभी जानलेवा भी साबित होती है। जांच से स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर मरीज को कम से कम चार दिन तक आइसोलेट होने की जरूरत होती है और पांच दिन तक एंटी वायरल दवा का कोर्स लेना होता है।

पीएमसीएच के वरीय फिजिशियन डॉ. बीके चौधरी के मुताबिक इसका लक्षण भी कोरोना की तरह ही होता है। जैसे-सर्दी, खांसी, बुखार। मरीज की स्थिति गंभीर होने पर सांस लेने में दिक्कत की समस्या उत्पन्न हो जाती है और मरीज को वेंटिलेटर पर भी रखने की नौबत आ जाती है।

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