Breaking News

जापान की शिक्षिका बोधगया में सीख रहीं है खेती:निकौनी करने से लेकर पौधों की सिंचाई तक कर रही, कहा- इंडिया में आनंद आ रहा

जापान की शिक्षिका बोधगया में सीख रही खेती का गुर शांति और ज्ञान की खोज में जापान से निकल कर बोधगया पहुंची शिक्षिका सब्जी की खेती का गुर सीख रही है। वह खेतों में जाकर उसकी सफाई और पौधों के रख-रखाव का काम कर रही है। वह भी एक किसान मजदूर की तरह।

खेत में घंटों झुक कर निकौनी करने से लेकर पौधों की सिंचाई तक कर रही है। उसकी यह लगन बोधगया के गांवों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उसके इस काम में बोधगया की महिलाएं भी खूब साथ दे रही हैं। वह महिलाओं से टूटी फूटी हिंदी व अंग्रेजी में भी बात कर रही है। जब वह खेतों में काम करने को पहुंचती है तो उसे लोग देखने के लिए भी बरबस खींचे चले आते हैं।

जापान में रहने वाली युवती मिनामी मित्सुना जापान के एक स्कूल में गर्वमेंट टीचर (थाउसरा) हैं। वह 15 जनवरी को इंडिया आई थी। बोधगया में आने के बाद महाबोधि मंदिर का दर्शन किया और फिर तब से लेकर अब तक लगातार मंदिर में हर दिन वह जा रही हैं। साथ ही मंदिर में ध्यान साधना करने के बाद वह खेतों में पहुंच जाती हैं। सब्जी के खेतों में पहुंचकर खेत में काम कर रही महिलाओं के साथ काम में जुट जाती हैं।

गांव की महिलाएं जो काम खेत में कर रही होती हैं। उसे वह भी करने में जुट जाती है। मिनामी मुत्सुना का कहना है कि यहां इंडिया में उसे ज्यादा आनंद आ रहा है। वह खेतों में जा कर खेती के गुर सीख रही हैं। बोधगया के लोग हमारे लिए काफी कोआपरेटिव हैं। वे खेती से जुड़ी चीजों को खुद से कर के बताते हैं। इससे समझने में आसानी हो रही है। शिक्षिका ने बताया कि वह 25 फरवरी तक इंडिया बोधगया में रहेगी।इसके बाद वह वापस अपने वतन के लिए लौट जाएगी।

Comment here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.