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मिथिलांचल में मैथिली में लिखे यीशु के संदेश बंट रहे:गांवों में चंगाई सभाएं भी हो रहीं, नक्सलियों की संलिप्तता मान जांच में जुटी एनआईए

नेपाल बॉर्डर से सटे मिथिलांचल के इलाके में गरीबी व अशिक्षा को ढाल बनाकर धर्म प्रचार की एक बड़ी मुहिम चल रही है। यीशु की महिमा बताकर ईसाई धर्म प्रचारक मुजफ्फरपुर के गायघाट के शिवदाहा, औराई के धंसना, दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा, जाले, सिमरी समेत अन्य इलाकों में आर्थिक संपन्नता, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य व धन का प्रलोभन देकर धर्म प्रचार कर रहे हैं। जगह-जगह चंगाई सभा की जा रही है। मिथिलांचल में बाइबिल का हिंदी संस्करण तथा मैथिली भाषा में यीशु से जुड़ी धार्मिक पुस्तकें-पंपलेट का घर-घर वितरण किया जा रहा है।n

हालांकि, अब तक जबरन धर्म परिवर्तन की शिकायत नहीं आने से प्रशासन खामोश है। धर्म प्रचार की आड़ में इसे कथित नक्सलियों की संलिप्तता मानकर एनआईए जांच में जुट गई है। दो दिन पहले एनआईए की टीम ने मुजफ्फरपुर के गायघाट प्रखंड के शिवदाहा गांव, दरभंगा के सिमरी के साथ-साथ बेनीबाद ओपी पुलिस से जानकारी भी जुटाई।

एनआईए की चहलकदमी के बाद ग्रामीण बता रहे हैं कि यह साजिश तीन साल से चल रही है। धर्म परिवर्तन की आशंका देख ग्रामीण अब गोलबंद होने लगे हैं। एसडीओ पूर्वी ज्ञान प्रकाश ने कहा कि संबंधित थानों को अलर्ट कर दिया गया है। निर्देश है कि किसी का धर्म परिवर्तन नहीं कराया जाए।

प्रचार दूत बन गया दरभंगा का योगेन्द
दरभंगा के सिमरी बाजार के योगेंद्र महतो बताते हैं कि उनका परिवार पासवान था। गांव वालों ने परेशान किया तो वे मसूरी चले गए। वहां ईसाई धर्म मानने वाले व्यक्तियों ने मिशनरी के एक अस्पताल में इलाज करवाया। फिर मुझे ईसाई धर्म अच्छा लगने लगा। उसके बाद से यहां लौटकर इस धर्म का प्रचार कर रहे हैं। योगेंद्र मुजफ्फरपुर के गायघाट के शिवदाहा में चंगाई सभाएं करने लगा। इस गांव में संजू राय को पहले जोड़ा। फिर दर्जनों महिलाएं आने लगीं। अब गांव के 50 से अधिक घरों में ऑनलाइन बाइबिल मंगाने की बात कही जा रही है।

मैथिली भाषा में यीशु के बारे में दी जा रही है जानकरी
महिलाओं के बीच बाइबल व यीशु के बारे में जानकारी से संबंधित चार पेज का पंपलेट बांटा जाता है। वह भी मैथिली भाषा में है। उद्देश्य यह है कि दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर आदि जिले के लोग मैथिली भाषी हैं। उन्हें मैथिली में समझाना आसान है।

जानिए क्या है चंगाई सभा
ईसाई मिशनरी आदिवासी व पिछड़े क्षेत्रों में आम जनता को बीमारी से ठीक करने के लिए चंगाई सभा करते हैं। इसे यीशु चंगाई सभा या हीलिंग मीटिंग भी कहा जाता है। यीशु समर्थक या मेथोडिस्ट चर्च इस तरह की सभाएं आयोजित करता है।

अब तक नहीं मिली शिकायत
जबरन धर्म परिवर्तन की अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शांतिपूर्वक किसी भी धर्म का प्रचार किया जा सकता है। एनआईए अपना काम कर रही है। उसे पुलिस सहयोग कर रही है। -मनोज पांडेय, प्रभारी एसएसपी सह डीएसपी

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