Breaking News

ग्रामीणों ने चंदा इकट्‌ठा कर बनवाया था स्कूल…धूल फांक रही:सीवान में 1982 में हुआ था हाई स्कूल का निर्माण

सीवान में एक ऐसा विद्यालय है जहां के ग्रामीणों ने साल 1982 में समाज को शिक्षित बनाने के लिए चंदा एकत्रित कर एक हाई स्कूल का निर्माण कराया था। बाद में चलकर यह विद्यालय सरकार के अधीन हो गया। लेकिन भवन निर्माण के लिए सरकारी सहयोग नहीं मिलने से यहां के पुराने सभी भवन अब टूटने लगे है। कई भवनों के दरवाजे नहीं है। बच्चों को बैठने के लिए ब्रेंच की सुविधा नहीं है। कई क्लासरूम का फर्श तक टूट चुके है। मामला सीवान जिले के महाराजगंज प्रखंड अंतर्गत जिगरावां हाई स्कूल का है।

बता दें कि यहां पर पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 347 है जिसमें से एक महिला शिक्षक समेत कुल 8 शिक्षक मौजूद है। इसमें कक्षा नवीं में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या करीब 155 है। जबकि दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं की संख्या लगभग 192 के आसपास है। इसके साथ ही इस विद्यालय में दो आदेशपाल और एक क्लर्क नियमित समय पर विद्यालय पहुंचते है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक भरत सिंह बताते हैं कि साल 1982 में जब ग्रामीण स्तर के लोगों में शिक्षा के प्रति इतनी जागरुकता नहीं थी।

उस समय उनके पूर्वज और उनके परिवार के लोगों ने एक दूसरे से पैसा एकत्रित कर विद्यालय का निर्माण कराया था। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय के ग्राउंड फील्ड मैदान पर बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दो बार आगमन भी हो चुका है। लेकिन अनुदानित इस विद्यालय का रहनुमा कोई नहीं मिला।

उन्होंने बताया कि जदयू के पूर्व विधायक हेमनारायण साह के सहयोग से एक रूम का निर्माण कराया गया था। इसी तरह बिहार रह चुके विधानसभा परिषद सदस्य केदार पांडे के सहयोग से विद्यालय का बाउंड्री करवाया गया था। लेकिन अनुदान की राशि तो विद्यालय को मिलती है लेकिन भवन की मरम्मत के लिए उन्हें पैसा सरकार से नहीं मिल पाता है।

कहते हैं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी

इस मामले में जब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विक्रमा गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अनुदानित विद्यालय को सरकार के तरफ से भवन निर्माण के लिए अभी रुपए आवंटन कराने का कोई निर्देश नहीं मिला है।

Comment here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.