अरसे से पीडीएस दुकानदार बाेरे में कम अनाज मिलने की शिकायत कर रहे हैं। इसके लिए कई बार आंदाेलन भी कर चुके हैं। लेकिन, अधिकारी इसका निदान करने के बदले अनसुना कर देते हैं। लेकिन, पीडीएस दुकानदाराें की शिकायत बिल्कुल सही है। उन तक पहुंचनेवाले बाेराें में से ताे रास्ते में ही अनाज निकाल लिया जाता है। इसके लिए ट्रांसपाेर्टराें व कुछ विभागीय अधिकारी-कर्मियाें की संलिप्तता से बड़ा गिराेह काम कर रहा है।n
यह गिराेह भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) से ट्रक निकलते ही सक्रिय हाे जाता है। तय जगह पर उसके आदमी खड़े रहते हैं जाे ट्रक पर लदे प्रत्येक बाेरे में से अनाज निकालकर दूसरे बाेराें में भर लेते हैं और पिकअप से उठा ले जाते। इसकी पड़ताल दैनिक भास्कर की 2 रिपाेर्टर व फाेटाेग्राफर की टीम ने बीते माह 5 दिनाें तक की। पता चला कि पीडीएस (जनवितरण प्रणाली) विक्रेताओं की हकमारी कर प्रतिदिन 300 क्विंटल से अधिक अनाज कालाबाजार में बेच दिया जाता है।
भास्कर की टीम ने जब एफसीआई के नारायणपुर गोदाम से निकले ट्रक का पीछा किया ताे करीब 2 किलाेमीटर आगे सदर थाना क्षेत्र में ही सड़क किनारे 7-8 लाेग पहले से खड़े थे। एफसीआई से ज्याेंहि ट्रक वहां पहुंचा ट्रक चालक व खलासी समेत गिराेह के आदमी ट्रक से खाद्यान्न उतारकर प्लास्टिक के उजले बाेराें में भरने लगे। दूसरी तरफ एक व्यक्ति इसकी निगरानी कर रहा था जिसने फाेटाे लेने का विराेध भी किया। वहां पर दाे ट्रक से 50-50 किलाे के करीब 20 बाेरे उतारे गए। बता दें कि इस माह जिले काे अब तक 2 लाख क्विंटल अनाज का आवंटन मिला है।
ट्रांसपाेर्टर और विभागीय अधिकारी-कर्मियाें की संलिप्तता से चल रहा इतना बड़ा गाेरखधंधा
- 04 लाख क्वि. दिसंबर तक जिले में प्रतिमाह हुआ आवंटन
- 60 से 80 ट्रक एफसीआई गोदाम से निकलते रहे प्रतिदिन
- 04 क्विंटल से अधिक हर ट्रक से हाेती रही कालाबाजारी
- 05 ट्रांसपोर्टर एफसीआई से ढुलाई काे हैं अधिकृत
स्थानीय लाेगाें ने कहा- यहां ताे वर्षों से ट्रक से रोज खाद्यान्न उतारे जाते हैं
स्थानीय लोगों ने बताया कि नारायणपुर दिघरा पथ पर वर्षों से हर दिन दोपहर बाद से देर शाम तक एसएफसी के ट्रकाें से खाद्यान्न उतारे जाते हैं। वहीं पर सरकारी बोरे को बदलकर अनाज प्लास्टिक के बोरे में रख लिया जाता है, ताकि कहीं पर जांच में पकड़ा न जाए।
विक्रेताओं ने कहा- जिला प्रबंधक से लेकर डीएम तक कर चुके शिकायत
फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के जिला महासचिव देवन रजक ने बताया कि आवंटन से कम वजन देने की शिकायत डीएसओ, एसडीओ समेत एजीएम, जिला प्रबंधक से लेकर जिलाधिकारी तक कर चुके हैं। 100 क्विंटल खाद्यान्न पर 4-5 क्विंटल कम रहता है।
शिकायत की अनदेखी… एक एजीएम ने भी कहा- हर ट्रक में कम रहता है खाद्यान्न
बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड मुजफ्फरपुर जिला प्रबंधक अशोक सिंह कहते हैं कि सभी पीडीएस दुकानदारों को आवंटन के मुताबिक पूरा-पूरा खाद्यान्न दिया जाता है। हालांकि, एक प्रखंड में कार्यरत एसएफसी के एक एजीएम ने बताया कि गोदाम पर पहुंचने वाले सभी ट्रक में 3 क्विंटल से अधिक खाद्यान्न कम रहते हैं जिसे पीडीएस दुकानदारों के साथ मैनेज करना पड़ता है। उधर, एफसीआई के गोदाम प्रबंधक अमित कुमार कहते हैं कि जिला प्रबंधक से उपलब्ध आरओ के आलोक में अधिकृत ट्रांसपोर्टर की निगरानी में धर्मकांटा से वजन करा भेजा जाता है। यहां से खाद्यान्न निकलने के बाद एफसीआई की जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है। जिले में 5 ट्रांसपोर्टराें को 174 ट्रक पर खाद्यान्न की ढुलाई के लिए अधिकृत किया गया है।



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