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अवैध ऑटो से ट्रैफिक व्यवस्था बेपटरी:बगैर परमिट शहर में दौड़ रहे 20 हजार से अधिक ऑटो, ट्रैफिक के लिए बने संकट

आरटीओ से महज 13283 ऑटाे को ही परमिट मिला है। लेकिन, शहर की सड़कों पर इससे ढाई गुना अधिक दौड़ रहे हैं। अवैध तौर पर चल रहे इन ऑटो से शहर की ट्रैफिक अस्त-व्यस्त हो रही है। चौक-चौराहों पर रोज घंटों ट्रैफिक जाम लग रहा है। शहर की सड़काें पर 30 हजार से ज्यादा ऑटाे दाैड़ रहे हैं। इसके अतिरिक्त दाे हजार से ज्यादा ई रिक्शा भी हैं। जीराेमाइल चाैराहा, स्टेशन राेड, कंपनीबाग, जेल चाैक, बैरिया गाेलंबर, बैरिया बस स्टैंड व भगवानपुर गाेलंबर पर इन ऑटो चालकाें ने कब्जा जमा रखा है।

इन सबकी वजह से शहर में ट्रैफिक बेपटरी हाे रही है। अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार से शहर में अभियान की शुरुआत हाे गई। लेकिन, चौक-चौराहों पर बेतरतीब ऑटाे परिचालन को लेकर प्रशासन लापरवाह है। हालांकि, आए दिन परिवहन विभाग व ट्रैफिक पुलिस शहर में वाहन जांच अभियान चलाती है लेकिन अवैध तरीके से सड़कों पर दौड़ रहे ऑटो पर पिछले काफी समय से कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बगैर परमिट वाले ऑटो शहर में ट्रैफिक जाम की बड़ी वजह : शहर की सड़कों व चौक-चौराहों पर अवैध लगने वाले जाम की बड़ी वजह बड़ी संख्या में अवैध ऑटो का परिचालन भी है। बगैर परमिट वाले ऑटो किसी भी रूट में घुस जाते हैं। स्टेशन रोड में तो 30 प्रतिशत सड़क पर ऑटाे का कब्जा रहता है। इसमें बड़ी संख्या में बिना परमिट वाले अवैध ऑटो रहते हैं। जीरोमाइल चौराहा, ब्रह्मपुरा रोड, अघाेरिया बाजार चाैक, कंपनीबाग चाैक, जेल चौक, भगवानपुर गाेलंबर पर अवैध ऑटो के कारण जाम लगता है।

इन सभी चाैक-चाैराहाें पर ट्रैफिक रहती है बेपटरी

  • बैरिया गाेलंबर
  • बैरिया बस स्टैंड
  • जीराे माइल चाैक
  • अघाेरिया बाजार चाैक
  • स्टेशन राेड
  • कंपनीबाग चाैक
  • जेल चाैक
  • सरैयागंज टावर
  • धर्मशाला चाैक
  • भगवानपुर गाेलंबर
  • रेवा राेड

ग्रामीण इलाके के ऑटाे की वजह से बिगड़ रही व्यवस्था, शहर में एंट्री करते समय मेल नहीं देने से है यह परेशानी

शहर के ऑटाे चालकाें से यातायात नहीं बिगड़ रही है। ग्रामीण इलाके के ऑटाे चालकाें की वजह से परेशानी है। पहले यह व्यवस्था बनी थी कि ग्रामीण इलाके के ऑटाे चालक शहर में इंट्री करते समय शहर के ऑटाे चालकाें काे मेल देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हाे रहा है। मीनापुर व बाेचहां का ऑटाे टावर तक प्रवेश कर रहा है। इसी तरह की स्थिति शहर के सटे बाकी इलाके के ऑटाे की भी है। हाॅ, रिजर्व में मरीज व अन्य काे शहर में आने की अनुमति मिलनी चाहिए। शहर में 15 से 16 साै ऑटाे ही है। – इलियास इल्लू,महासचिव, मुजफ्फरपुर ऑटाे रिक्शा कर्मचारी संघ।

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