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बूढ़ी गंडक नदी के पास चला आरपीएफ का अभ्यास:समस्तीपुर में आंसू गैस और हैंड ग्रेनेड फोड़ने की दी गई फील्ड ट्रेनिंग

समस्तीपुर शहर के बूढी गंडक नदी के तट पर शनिवार सुबह आरपीएफ के जवानों को भीड़ नियंत्रण के लिए आंसू गैस और हैंड ग्रेनेड फोड़ने की फील्ड ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट टी एस गोपाकुमार के नेतृत्व में यह ट्रेनिंग सुबह 7:00 बजे से शुरू हुआ

बताया गया कि आज ट्रेनिंग दूसरे पहर तक दी जाएगी ।मौके पर असिस्टेंट कमांडेंट श्री गोपाकुमार ने बताया कि अग्निपथ आंदोलन के बाद जिस तरह से रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था। जिसको देखते हुए आरपीएफ के डीजीपी ने आरपीएफ जवानों को भी भीड़ नियंत्रण की ट्रेनिंग देने का निर्देश जारी किया गया था। उक्त निर्देश के तहत ही यह अभियान चलाया जा रहा है ।

प्रथम चरण में समस्तीपुर रेल मंडल के विभिन्न पोस्टों के 150 पुलिसकर्मियों को तीन दिवसीय ट्रेनिंग दी गई। पहले 2 दिनों तक लोगों को आंसू गैस ,हैंड ग्रेनेड व फायरिंग के बारे में इंडोर ट्रेनिंग दी गई । आज तीसरा और अंतिम दिन पुलिस जवानों को आंसू गैस और हैंड ग्रेनेड चलाने की फील्ड ट्रेनिंग दी जा रही है।

इस दौरान प्रशिक्षक मुकेश कुमार कन्हैया कुमार आदि द्वारा 4- 4 के बैच में जवानों को पहले आंसू गैस लोड करने और उसे 45 डिग्री पर रखकर फायर करने को बताया गया। उधर आरपीएफ की इस ट्रेनिंग अभियान के अभ्यास को देखते हुए बूढ़ी गंडक नदी की ओर जाने वाले रास्ते को आम लोगों के लिए रोक दिया गया था । 200 मीटर के दायरे में जगह-जगह लाल झंडा लगाया गया था, ताकि लोग नदी की धारा की और ना जाएं।

ट्रेनिंग के लिए आरपीएफ जवानों को 100 मीटर का रेंज दिया गया था। उन्हें बताया गया था कि भीड़ नियंत्रण के लिए किस तरफ दूर से भीड़ पर फायरिंग की जाती है। आंसू गैस फायरिंग के बाद जमीन पर गिरते हैं धुआं फैलाता है जिसे आंखों में जलन होने लगती है। फल स्वरुप भीड़ में शामिल लोग तितर-बितर हो जाते हैं।

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