Breaking News

हाई स्कूल के कमरों पर महादलित परिवार का कब्जा:सुपौल सदर के बसबिट्टी का है मामला, DEO ने कहा – जल्द ही खाली कराया जाएगा

सुपौल जिले में एक ऐसा उच्च विद्यालय है, जहां महादलित परिवार वाले स्कूल के जमीन को अतिक्रमण ना केवल किया है। बल्कि पढ़ाई वाले तीन चार कमरों को अतिक्रमण करके उसमे अवैध तरीको से निवास स्थान बना लिया है।हालांकि इस बाबत हमने जब शिक्षा विभाग के सबसे बड़े अधिकारी से सवाल जवाब दिया। उन्होंने धन्यवाद देते हुए कहा जल्दी ऐसे लोगों पर FIR कर कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया।

दरअसल सुपौल सदर प्रखंड के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बसबिट्टी गाँव है।जँहा सरकार ने छात्र-छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए मिडिल स्कूल को हाई स्कूल में अपग्रेड करके उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बसबिट्टी खोला ताकि इलाके के बच्चों का भविष्य बन सके। मगर यहां के कुछ स्थानीय महादलित परिवार स्कूल की सरकारी जमीन को अपनी जागीर समझ कर उस पर आशियाना बना डाला है।तो कई परिवार वाले इस उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय के पहली मंजिल पर तीन चार कमरों को अवैध तरीके से कब्जे में लेकर उसमें अपना आशियाना बना रखा है।

इधर स्कूल के छात्र छात्राओं का कहना है की इन लोगों के रहने से यहां पठन-पाठन में भी बाधित होती है ऐसे में जिला प्रशासन इन लोगों को यहां से दूसरी जगह शिफ्ट कर दे।इस स्कूल के टीचर का कहना है बगल में एक बिजली के ग्रिड का जब स्थापना किया जा रहा था तो सरकारी जमीन पर कई महादलित परिवार वाले खाली नहीं कर रहे थे।ऐसे में उन लोगों को तत्काल इस विद्यालय के प्रांगण में रहने की सलाह दी गई थी। ताकि वह बाद में हट जाएगे।

मगर समय बीते 2 साल बीत गए इन लोगों को सरकारी स्तर पर परिवार वालों को 3 डिसमिल जमीन नहीं मिला। तो यहीं पर बसेरा डाल रखा है। हालांकि इस बात को लेकर जब हमने विद्यालय के हेड मास्टर विजेंद्र कुमार से सवाल जवाब किया उन्होंने कहा कि इस बाबत कई बार शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों को पत्राचार किया जा चुका की बाते है।

वही हमने इस समस्या को लेकर सुपौल जिले के सबसे बड़े शिक्षा विभाग के अधिकारी जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेन्द्र कुमार से सवाल किया तो उन्होंने कहा मुझे यह मामला पता नहीं था। फिलहाल आपके द्वारा जानकारी दी गई है।जिसके लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इस मामले में जल्द ही स्कूलों के तरफ से इस मामले मे उन लोगो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी की बाते कही।

Comment here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.