दशहरा को लेकर पूरे शहर में तैयारियां चल रही है। हर साल की तरह इस साल भी विजयादशमी के दिन कालिदास रंगालय में भव्य रामलीला का आयोजन होने वाला है। इस रामलीला का मंचन बिहार आर्ट थियेटर के कलाकार की ओर से किया जाएगा।
बिहार आर्ट थियेटर में सांस्कृतिक तौर पर रावण वध और रामलीला कार्यक्रम के आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर है। रामलीला में भाग लेने वाले कलाकार पटना के कालिदास रंगालय में रामलीला के चरित्रों का पूर्वाभ्यास करते नजर आ रहे हैं।
एक महीने से कर रहे राम और लक्ष्मण का पात्र निभाने का प्रयास
राम का पात्र निभाने वाले राज पटेल का कहना है की मुझे बहुत खुशी है की यहां पर स्थानीय कलाकारों को काम करने का और अपने कला को दिखाने का प्लेटफॉर्म दिया जाता है। रामलीला हमारे जीवन की शैली को दर्शाता है। राम का चरित्र निभाना बहुत मुश्किल है लेकिन मैं लगातार कोशिश में लगा हूं की उनके जीवन दशा को मैं अपने अंदर ले आऊं। 14 वर्ष के वनवास के बाद भी वह जिस तरीके से धैर्य रखते थे, यह सब मैं अपने अंदर लाने की कोशिश कर रहा हूं।
वहीं लक्ष्मण का पात्र निभाने वाले आशुतोष कहते है की लक्ष्मण बहुत ही तुनकमिजाजी थे अगर वह राम के बारे में कुछ भी सुनते थे तो बहुत जल्दी चिढ़ जाते थे तो ऐसे में मेरे लिए उनका रोल निभाना बहुत ही चैलेंजिंग है। मैं लगातार उनके पात्र को जीने की कोशिश कर रहा हूं।
राम जन्म से रावण वध तक दिखाया जाएगा
रामलीला का आयोजन कराने वाले अभिषेक ने कहा कि हम रामलीला के जरिए बिहार के कलाकार को अपनी प्रस्तुति करने मंच देना चाहते है। यहां के कलाकार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं रामलीला के लिए। हमारे रामलीला में खास यह रहेगा कि हम राम के जन्म से लेकर रावण के वध तक, हर प्रसंग को 3 घंटे में दिखाएंगे। हम हर प्रसंग, सभी पात्रों की संवेदनाएं और कथाएं को बहुत ही भावपूर्ण तरीके से दिखाते है।



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