रोहतास जिले के सासाराम-आरा रेल खंड में नोखा रेलवे स्टेशन पर रविवार को भभुआ-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस एक वृद्ध का शव में पाया गया। शव के साथ ट्रेन स्टेशन पर एक घंटे तक खड़ी रही, जिसके कारण लगभग एक घंटे तक रेल सेवा बाधित रहा। शव को उठाने के लिए रेलवे के आरपीएफ, जीआरपी का कहना था कि यह स्थानीय पुलिस की जिम्मेवारी है । जबकि स्थानीय पुलिस का कहना है कि यह ट्रेन में घटना हुई है। शव उठाने की जिम्मेदारी रेलवे की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नोखा रेलवे स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस रविवार को पहुंची, तबतक ट्रेन में यात्री यात्रा कर रहा था जिसकी मौत ट्रेन में ही गई थी। यात्रा कर रहे हैं सवारियों ने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी। जहां पर स्टेशन मास्टर वीरेंद्र कुमार द्वारा इसकी सूचना स्थानीय थाना और आरपीएफ को दी गई। जिस पर आरपीएफ और जीआरपी और स्थानीय पुलिस के कशमकश में शव ट्रेन में पड़ा रहा और 1 घंटे तक नोखा स्टेशन पर रेल रुकी रही।
यात्रियों के हंगामे के बाद उतारा गया शव
ट्रेन से शव ना उतारने पर यात्री हंगामा करने लगे। तब आनन-फानन में शव को स्टेशन के प्लेटफार्म उतारा गया। उसके बाद ट्रेन पटना के लिए रवाना हुई। वही स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को इलाज कराने के लिए सूचना दी गई। जहां पर के एंबुलेंस भेज करके आरपीएफ के जवान द्वारा नोखा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉक्टर अजय प्रताप ने उसकी जांच करते हुए कहा कि इसकी मौत लगभग 6 घंटे पहले हो गई है।
यहां पर स्थानीय पुलिस शव उठाने से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि रेलवे के काम है जिसके चक्कर में नोखा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में घंटों शव पड़ा रहा। मृतक की पहचान औरंगाबाद जिले के धनवान गांव निवासी जगदीश चंद्र प्रसाद 63 वर्ष के रूप में की गई। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम भेज दिया गया।



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