गया जी में अपने पितरों का पिंडदान करने आ रहे तो खाने-पीने की चीजों के प्रति थोड़ी सतर्क रहें। आए दिन नकली खाद्य पदार्थ मिल रहे हैं। खास कर पनीर को लेकर बहुत ही सतर्क रहने की जरूरत है। पनीर की सब्जी से सीधे तौर पर मेला- ठेला में दूर रहें। क्योंकि सबसे अधिक गड़बड़ी इसी में मिल रही है। बड़ी मात्रा में नकली पनीर, मावा मिल रहे हैं। ऐसे में हरी सब्जी ही खाएं और वह भी जहां पर खाने-पीने के सामान ढके हुए हैं वहीं खाएं। या फिर रेस्टोरेंट में खाएं। मेला में तले हुए खाद्य पदार्थों से दूर रहें। थाेड़ी सी अनदेखी आपके स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। यहां तक कि बोतलबंद पानी के रैपर को भी एक बार जरूर पढ़ लें। नहीं तो आपकी तीर्थयात्रा कष्ट भरी हो सकती है। ऐसा स्वास्थ्य विभाग का कहना है।
फूड इंस्पेक्टर मुकेश कश्यप का कहना है कि मेला में लाखों की भीड़ है। यह भीड़ पूरी तरह से बाहर के भोजन पर ही निर्भर है। ऐसे में होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, खाने-पीने की सामान्य दुकानों की चांदी है। वह पैसे कमाने के चक्कर में हर चीज की अनदेखी में जुटे हैं। मानकों की अनदेखी हो रही है। जांच में पकड़े भी जा रहे हैं। कार्रवाई भी हो रही है। 23 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए करीब चार लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। बड़ी मात्रा में नकली पनीर, मावा और अन्य चीजें नष्ट कराई गई हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अपनी आदतों से बाज नहीं आते हैं। खासकर वे जो सड़क के किनारे बड़ी संख्या में होटल और ढाबे खोले बैठें हैं।

फूड इंस्पेक्टर मुकेश कश्यप का कहना है कि मेला में लाखों की भीड़ है। यह भीड़ पूरी तरह से बाहर के भोजन पर ही निर्भर है।
फूड इंस्पेक्टर मुकेश कश्यप का कहना है कि मेला ठेला में पनीर से बनी चीजों को अव्याड करना चाहिए। मेला में पनीर न खाएं तो बेहतर है। यदि पनीर खाने के आदि या शौकीन हैं तो ढंग के रेस्टारेंट में खाएं। इसके अलावा सामान्य दुकानें व ढाबों से तली हुई चीजें न खाएं। वे एक ही तेल को बार-बार इस्तेमाल करते हैं। बार-बार इस्तेमाल करने से टीपीएम बढ़ जाता है। इससे पेट को नुकसान पहुंचता है और तेजी से पेट से लेकर गले तक जलन शुरू हो जाती है। ठेला पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों से काफी दूर रहें। वे पूरी तरह से खुले में ही होते हैं। बोतल बंद पानी का रैपर जरूर पढ़ें। उस पर सारा डिटेल होता है। कब तक पानी बेहतर रहेगा। इस बात का भी जिक्र रहता है। राजस्थान, मारवाड़ी, पंजाब, दिल्ली ढाबा के नाम से लटक रहे पोस्टर पर न जाएं। पहले जांच लें परख लें फिर खाएं।
मिठाई भी उसी दुकान, होटल, रेस्टोरेंट से खरीदें जहां पर मिठाई के इस्तेमाल के बाबत अंतिम तिथि का उल्लेख हो। वरना न खरीदें। खाएं। यह आदेश पूरे देश में लागू है। शहर के नामचीन मिठाई वाले इस आदेश का पालन कर रहे हैं।
फूड इंस्पेक्टर मुकेश कुमार का कहना है कि यदि किसी भी रेस्टोरेंट, होटल, ढाबा में कोई गड़बड़ी मिलती है तो आम आदमी खुद 18003456065 टोल फ्री नंबर पर शिकायत करें। तेजी से सुनवाई होती है। यह बिहार सरकार के फूड सेफ्टी कमिश्नर आफिस से जारी किया गया है। यही नहीं देश के किसी भी जगह खाद्य पदार्थ शिकायत मिलती है तो भारत सरकार के foscos में शिकायत ऑनलाइन कर सकते हैं। साथ ही अपनी शिकायत को ट्रैक भी कर सकते हैं। इस पर भी बहुत तेजी से कार्रवाई होती है। foscos के कन्ज्यूमर ग्रीवांस में जाकर जानकारी अप लोड कर दें। यदि कोई प्रमाण है तो अच्छी बात है। नहीं है तो भी कोई बात नहीं है। जो सबूत आपके पास है उसका फोटो अपलोड कर दें। बाकी का काम भारत सरकार करेगा। हर पैकेट बंद खाद्य पदार्थ की मैन्युफैक्चरर डेट और एक्सपायरी डेट जरूर देखें।

ढाबा में कोई गड़बड़ी मिलती है तो आम आदमी खुद 18003456065 टोल फ्री नंबर पर शिकायत करें।
गुरुवार को पकड़े गए थे करीब 60 किलो नकली पनीर, शुक्रवार को पकड़ा गया चावल का नकली आटा, बीते सात दिनों में 50 से अधिक खाद्य पदार्थ के सैंपल लिए गए हैं। कई को वार्न किया गया है। कई दुकानों के खिलाफ कार्रवाई प्रक्रिया चल रही है।
फूड इंस्पेक्टर का कहना है कि नकली पनीर की जांच का दो सिंपल तरीका है। पहला टिंचर आयोडिन। पनीर पर कुछ बूंद डालें । नकली होगा तो काला स्पॉट कई जगह उभर जाएंगे। टिंचर आयोडिन नहीं है आपके पास तो बेटाडिन किसी मेडिकल शाॅप से लें और पनीर पर चार से पांच बूंद डालें। यदि नकली होगा तो काले स्पॉट कई जगह नजर आने लगेंगे। वह भी कुछ ही क्षण में।






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