रामदयालु नगर गुमटी के पास रेलवे ट्रैक के समानांतर संपर्क सड़क का निर्माण होगा। इससे रामदयालु रेलवे गुमटी पार कर पटना-मोतिहारी की ओर जाने वाले वाहन सीधे संपर्क सड़क के रास्ते एनएच-28 पर चले जाएंगे। इसके निर्माण के बाद जहां रेलवे गुमटी पार करने की बाध्यता खत्म हो जाएगी। वहीं, गुमटी पर लगने वाले जाम से भी निजात मिलेगी। दरअसल, हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर ट्रेनों के व्यस्त शेड्यूल के कारण 24 घंटे में हर दिन औसतन 6 घंटे रामदयालु गुमटी बंद रहती है।
इससे लोगों का काफी समय जाम में फंस कर बर्बाद होता है। इस कारण अक्सर हंगामा व मारपीट की घटनाएं हाेती रहती हैं। इस समस्या पर 23 अगस्त काे सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में चर्चा हुई। इस समस्या से निजात को लेकर सर्वसम्मति से गुमटी के पहले से एनएच तक समानांतर संपर्क सड़क बनाने का निर्णय लिया गया।
इसको लेकर डीएम प्रणव कुमार ने एक सितंबर काे गुमटी से पहले आरसीडी सड़क से रेलवे ट्रैक के समानांतर एनएच-28 तक सड़क संपर्क बनाने का प्रस्ताव एनएचएआई के प्राेजेक्ट डायरेक्टर और आरसीडी-1 के कार्यपालक अभियंता काे भेजा है और शीघ्र ही इसके निर्माण की पहल करने को कहा है। वहीं क्षेत्रीय परिवहन पदाधिकारी काे माॅनिटरिंग करने का निर्देश दिया है।
24 घंटे में औसतन 6 घंटे बंद रहती है गुमटी, पीक आवर में सुबह-शाम रोज लगता है लंबा जाम
गुमटी के कुछ दूरी पहले से एनएच तक करीब 500 मीटर लंबाई में इस संपर्क सड़क के बन जाने से लाेगाें काे जाम से काफी राहत मिलेगी। गुमटी बंद हाेने पर दाे पहिया से लेकर बड़े वाहन तक गुमटी की ओर नहीं जाकर संपर्क सड़क से सीधे समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच पर चढ़ेंगे। एनएच पर चढ़ने के बाद पश्चिम की ओर थाेड़ी दूर जाकर डायवर्सन से नीचे उतरकर पटना मार्ग की ओर जाएंगे।
संपर्क सड़क बन जाने से जाम से मिलेगी निजात
रामदयालु में आरओबी का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में
दरअसल, रेलवे गुमटी पर पूर्व में आरओबी बनाने का प्रस्ताव था। लेकिन रेलवे ने प्रोजेक्ट बनाने का जिम्मा राज्य सरकार पर छोड़ दिया। जिसके बाद से यहां आरओबी बनाने का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में पड़ा है।
प्रति सप्ताह एक लाख वाहन यहां से गुजरते हैं
रामदयालु रेल गुमटी को रेलवे ने स्पेशल कैटेगरी में रखा है। इस गुमटी से हाेकर प्रति सप्ताह एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। वहीं, प्रतिदिन मालगाड़ी समेत 80 से अधिक ट्रेनें गुमटी से गुजरती हैं।






Comment here