मुजफ्फरपुर की रहने वाली सुनीता देवी (33) की दोनों किडनी प्राइवेट अस्पताल में डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान निकाल ली। वो यूट्रेस का ऑपरेशन कराने गई थीं। इसके बाद से उसकी हालत बिगड़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे मुजफ्फरपुर SKMCH के ICU में भर्ती कराया हैं। वहां उसका दोबारा टेस्ट किया गया है।
डॉक्टर संतुष्ट होना चाह रहे हैं की जो रिपोर्ट PMCH से दी गई है। वह सही है या नहीं। महिला को दोपहर में उसके परिजन SKMCH में लेकर पहुंचे। यहां पर उसका अल्ट्रासाउंड समेत अन्य कई टेस्ट किया गया है। रिपोर्ट आने का इंतजार है। सुनीता बरियारपुर ओपी के बाजी गांव में रहती हैं।
डॉक्टर ने उसे पटना रेफर किया है, लेकिन परिवार के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वो उसका पटना में इलाज करवा सकें। प्रशासन की तरफ से उसे कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है।
सुनीता को ICU में भर्ती किया गया
जांच के बाद देर शाम सुनीता को ICU में भर्ती किया गया है। इसकी जानकारी प्रभारी अधीक्षक डॉक्टर सतीश कुमार ने दी है। उन्होंने बताया की मरीज की हालत गंभीर है। उसे पटना रेफर कर दिया गया है। ताकि बेहतर इलाज हो सके। लेकिन, परिजन आर्थिक स्थिति का हवाला देकर मरीज को पटना ले जाने के लिए तैयार नहीं है। फिलहाल उसे ICU में रखा गया है। ट्रीटमेंट चल रहा है।
दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी
सिविल सर्जन डॉक्टर यूसी शर्मा ने कहा की मामला संज्ञान में आया है। यह बेहद दुखद और गंभीर मामला है। पीएचसी प्रभारी से रिपोर्ट मांगी गई है। पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट देने को कहा गया है। इससे पता लगेगा कि किडनी कब और कहां निकाली गई है। हम अपने स्तर से इसकी जांच करेंगे। और सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यूट्रस का ऑपरेशन कराने गई थी महिला, दोनों किडनी निकाल ली, हालत नाजुक।
मरीज के शरीर में सूजन
सुनीता का ऑपरेशन 3 सितंबर को हुआ था। अब धीरे -धीरे उसकी हालत बिगड़ने लगी है। उसके शरीर में हल्की सूजन होने लगी है। उसकी मां तेतरी देवी ने SKMCH में बताया की वो यूरिन भी नहीं कर पा रही है। हाथ और पैर में थोड़ी सूजन है। खाना भी न के बराबर खा रही है।
3 बच्चों की मां है सुनीता
सुनीता के पति अकलू ने बताया की हमारी आर्थिक हालत बेहद खराब है। शादी को करीब 5 साल हो गए। तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। सुनीता बेड पर पड़ी हुई है। उसकी आंखों से लगातार अपने बच्चों को याद कर आंसू निकल रहे हैं। वह अपनी मां से कहती है उसे बच्चों के पास ही रहना है। इलाज नहीं करवाना है।
महंत मनियारी के एक जनप्रतिनिधि ने कुछ आर्थिक मदद की। तब जाकर SKMCH में एडमिट कराया है। अब पटना ले जाने को बोल रहे हैं। कहां से इलाज करवाएंगे। इतना कहते हुए सिसकियां भरने लगते हैं।
PMCH में जांच के बाद किडनी नहीं होने की बात रिपोर्ट में लिखी गई।
इलाज शुरू नहीं हुआ तो जान को खतरा
सुनीता का अबतक सही से इलाज शुरू नहीं हुआ हैं। एक डॉक्टर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पटना में इलाज शुरू हो जाता। लेकिन, परिजन को जैसे ही किडनी निकालने की बात पता लगी। वे लोग मरीज को लेकर वहां से गांव आ गए। अगर उसी दिन से PMCH में इलाज शुरू हो जाता तो मरीज की हालत में सुधार होता।
डॉक्टरों की टीम कर रही मॉनिटरिंग
SKMCH में डॉक्टरों की एक टीम सुनीता को मॉनिटर कर रही है। प्रारंभिक जांच में किडनी नहीं होने की बात पता लगी है। लेकिन, आधिकारिक तौर पर बयान नहीं दिया गया है। रिपोर्ट देखने के बाद ही डॉक्टर कुछ जानकारी देंगे। लेकिन, मरीज के सिमटम को देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा है की उसकी किडनी नहीं है या काम नहीं कर रही है।






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