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आर्म्स मुक्त करने के आदेश की अंतिम डेडलाइन आज:विवि कर्मी से जब्त किए गए सामान में से हथियार का लाइसेंस हुआ गायब

अवैध रूप से हथियार रखने के मामले में BRABU के तत्कालीन प्रगतिशील कर्मचारी संघ के सचिव नरेंद्र कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजने के मामले और आर्म्स मुक्त करने के आदेश की सुनवाई का आज डेडलाइन है। मुजफ्फरपुर कोर्ट द्वारा पूर्व में SSP को काजीमोहम्मदपुर थानेदार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया था। साथ ही सैलरी का 50 फीसदी भी काटने को कहा गया था।

इसके लिए ट्रेजरी को पूर्व से आदेश दे दिया गया है कि सैलरी 50 फीसदी काटने के बाद कोर्ट को सूचित किया जाना है। इस मामले की आज सुनवाई होनी है। 22 अगस्त को उक्त आदेश जारी किया गया था। एक सप्ताह का समय दिया गया था। जिसकी आज कोर्ट में सुनवाई है और ये अंतिम डेडलाइन भी है। सुनवाई के बाद कोर्ट तय करेगा कि किसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जानी है। जब्त किया गया लाइसेंस गायब

इधर, तत्कालीन थानेदार केके कुरैशी काजीमोहम्मदपुर थाना पहुंचे। ये केस उन्हीं के समय वर्ष 2013 में दर्ज हुआ था। उन्होंने थाना पर मालखाना को खंगाला। विवि कर्मी के जब्त किए आर्म्स समेत अन्य सामान तो मिल गए। पर उनका आर्म्स लाइसेंस नहीं मिला। इसे लेकर थाना पर हडकंप मच गया। अब पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है। पीड़ित ने कहा कि बिना लाइसेंस के उन्हें आर्म्स देने की कोशिश की गई। पर उन्होंने साफ तौर पर इंकार कर दिया।

यह है मामला पीड़ित नरेंद्र सिंह ने बताया कि 4 सिंतबर 2013 को काजी मोहम्मदपुर थाना के तत्कालीन थानेदार ने अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही पुलिस ने उनके पास से एक पिस्टल बरामद कर उसे अवैध हथियार करार देते हुए जब्त कर लिया था। इस मामले के 10 महीने बाद वे जेल से रिहा होने के बाद बाहर आए। निर्दोष पाए जाने के बाद कोर्ट ने काजीमोहम्मदपुर थाना को शस्त्र मुक्त करने का निर्देश दिया था।

कोर्ट ने बार-बार भेजी रिमाइंडर

  • 03 नवंबर 2021 को न्यायालय ने काजी मोहम्मदपुर थाना को शस्त्र निर्गत करने का निर्देश दिया।
  • 08 मार्च 2022 को न्यायालय ने दूसरा आदेश जारी कर 15 दिनों का समय देते हुए कि मामले का निष्पादन कर न्यायालय को सूचित करने का निर्देश दिया।
  • 27 अप्रैल 2022 को न्यायालय ने तीसरा आदेश दिया शोकॉज नोटिस 1 सप्ताह का समय देते हुए थानेदार को जवाब देने की बात के साथ किया।
  • 4 जुलाई 2022 को चौथा आदेश शो कॉज का रिमाइंडर साथ में 1 सप्ताह का समय और आईजी को निर्देशित करते हुए SHO पर जांच कर कार्रवाई।
  • 22 अगस्त 2022 को न्यायालय ने आईजी, एसएसपी, डीएम, ट्रेजरी को निर्देशित करते हुए 1 सप्ताह का समय देते हुए SHO की सैलरी से 50% हिस्सा काटकर ट्रेजरी ऑफिस में जमा कर न्यायालय को सूचित करने का आदेश दिया। साथ में SHO पर अपराधिक मुकदमा दर्ज कर न्यायालय को सूचित करने का भी आदेश दिया।

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