सासाराम व्यवहार न्यायालय में मंगलवार कोर्ट ने सरकारी आदेश के अवमानना के मामले में राजद नेत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह को रिहा कर दिया। मामले में सुनवाई करते हुए एम पी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सह सबजज प्रथम राघवेन्द्र नारायण सिंह के न्यायालय ने मामले में आरोपी पुर्व केन्द्रीय मंत्री कांति सिंह, पुर्व मंत्री बिहार सरकार इलियास हुसैन सहित सात आरोपीयों को पर्याप्त साक्ष्य के आभाव में मामले से बरी करने का आदेश जारी किया है।
2009 के लोकसभा चुनाव के नामांकन के समय की घटना
मामला 2009 के लोक सभा चुनाव से जुड़ा है। तब राष्ट्रीय जनता दल की उममीदवार एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांति सिंह के नामांकन के दौरान सरकारी आदेश की अवहेलना करते हुए नामांकन कक्ष में चार से अधिक समर्थको के साथ घुसने एवं कक्ष के बाहर अनावश्यक भीड़ इकट्ठा करने का है। तेरह साल पुर्व 28 मार्च 2009 के मामले में प्राथमिकी सासाराम नगर थाना कांड संख्या 221/2009 में दर्ज हुई थी। इस मामले में तत्कालीन कार्यपालक दंडाधिकारी, सासाराम कंचन तिवारी ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।बारह साल पुराने इस मामले में कोर्ट में ट्रायल के दौरान जारी किये गये दर्जनो आदेशों के बावजूद आजतक एक भी गवाह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। जिसके बाद कोर्ट ने मामले में साक्ष्य के आभाव में सभी सात आरोपीयों श्रीमति कांति सिंह, इलियास हुसैन, केदारनाथ सिंह, परमानंद प्रसाद, रंजीत कुमार, कुमार बिनोद सिंह एवं सत्यनारायण सिंह को बरी करने का आदेश जारी किया है।



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