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आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर बढ़ी तिरंगे की डिमांड:गोपालगंज में बने तिरंगा की प्रदेश समेत कई राज्यों में होती है डिमांड

आजादी के 75वें वर्ष गाँठ पर मनाई जा रही आजादी के 75वें अमृत महोत्सव को लेकर हर घर तिरंगा फहराने की योजना के बाद तिरंगे की मांग बढ़ गई है। बढ़ती डिमांड को देखते हुए खादी ग्रामोद्योग द्वारा भारी पैमाने पर तिरंगे का निर्माण कार्य जोरो पर है।

दरअसल आजादी की लड़ाई का प्रतीक कहे जाने वाले तिरंगे झंडे का अपना अलग ही महत्व है। गोपालगंज में बना तिरंगा झंडा राष्ट्रीय पर्वों पर पूरे प्रदेश के साथ साथ पड़ोसी राज्यो में भी शान से फहरता है। यहां के बने झंडों की मांग उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों समेत उड़ीसा बंगाल व झारखंड में हैं। विशेष कर 15 अगस्त, 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगे झंडे की डिमांड बढ़ जाती है। लेकिन इस बार इसकी डिमांड कुछ ज्यादा ही बढ़ती हुई नजर आ रही है।

वैसे तो प्रत्येक वर्ष यहां करीब 2 हजार से ज्यादा झंडा बना कर विभिन्न स्थानों पर भेजा जाता है। जो आज भी लोग खादी ग्रामोद्योग से झंडा खरीद कर देश प्रेम के जज्बे को दर्शाते हैं। जिसके चलते अतिरिक्त कारीगरों को बुलाकर झंडे की सिलाई की जाती है। तिरंगा झंडा अब यहां की पहचान बन चुका है। लोग इस झंडे को फहराकर गर्व की अनुभूति करते हैं। लेकिन इस बाद आजादी के अमृत महोत्सव पर हर घर तिरंगा को लेकर इसकी डिमांड इतनी बढ़ गई है कि भारी पैमाने पर अब तिरंगा झंडा का निर्माण हो रहा है।

इसमें 50 महिला व दस पुरूष निर्माण कार्य मे लगे हुए है। खादी ग्रामोद्योग के व्यवस्थापक भोला प्रसाद ने बताया कि हमारे यहां बने तिरंगा में शुद्धता की गारंटी रहती है। साथ ही यहां खुद से सूत कताई, बुनाई,कटाई व छपाई किया जाता है। और इस कार्य मे करीब 50 महिला व दस पुरूष लगे हुए है। इस बार 25 से 30 हजार तिरंगा बनाया जा रहा है। पहले की अपेक्षा इसकी डिमांड ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि औसत रूप से एक झंडे की कीमत उसकी साइज के हिसाब से 200 से लेकर 850 रुपये तक निर्धारित की गई है।

30 साल से अनवरत हो रहा झंडे का निर्माण
खादी ग्रामोद्योग में अनवरत 30 वर्षों से तिरंगे झंडे का निर्माण किया जाता है।झंडा सिलने वाले कारीगर बताते हैं कि तिरंगे झंडे को बनाकर गर्व की अनुभूति होती है। बड़े सौभाग्य की बात है कि हमें तिरंगा सिलने को मिल रहा है। आजादी के प्रतीक तिरंगे झंडे को लेकर कितने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी फांसी के फंदे पर झूल गए थे। तिरंगे झंडे को पूरे प्रदेश में लोग सम्मान से ले जाते हैं। यहां बनने वाले झंडे की गुणवत्ता का हम पूरा ख्याल रखते हैं। यह स्वतंत्रता आंदोलन की निशानी व प्रत्येक देशवासी के गौरव का प्रतीक है। आने वाले दिनों में और अधिक झंडा बनाकर पूरे देश में भेजने की योजना है।

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