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कांग्रेस ने प्रदर्शन के लिए बुलाए झोपड़पट्टी से लोग!:जिंदाबाद-मुर्दाबाद करनेवालों को नहीं पता किस पार्टी के कार्यक्रम में आए, क्या है मकसद

सोनिया गांधी को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया। इसके विरोध में बारिश के बीच कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं ने पटना गांधी मैदान स्थित ईडी कार्यालय के बाहर धरना- प्रदर्शन किया। नेताओं ने ईडी कार्यालय में तालाबंदी कर दी। उसके बाद पुलिस के साथ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच खूब झड़प हुई। इस बीच गांधी मैदान के पास वाली सड़क भी जाम हो गई। आखिरकार पुलिस ने इन सबों को डेढ़ बजे ईडी कार्यालय से हटाया और गांधी मैदान की तरफ ले गई। गांधी मैदान में गांधी मूर्ति के नीचे कांग्रेसियों ने धरना दिया।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में वे लोग भी दिखे जिन्हें यह तक नहीं पता था कि वे किस पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं। उन्हें यह भी नहीं पता था कि वे किस मुद्दे पर धरना-प्रदर्शन में शामिल होने आए हैं। ये वैसे लोग थे जिन्हें कांग्रेसी नेताओं ने जुटाया था! ये लोग कहीं से कांग्रेसी नहीं थे। ये सोनिया गांधी को नहीं जानते। न यह जानते हैं कि सोनियां गांधी के साथ क्या हो रहा है ! इस तरह कांग्रेस के कार्यक्रम में भीड़ जुटायी गई।

हालांकि कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, विधायक दल के नेता अजीत शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रेमचंद मिश्रा, राजेश राम, विनोद पाठक, प्रवक्ता राजेश रौठौर असीत नाथ तिवारी, युवा कांग्रेस के प्रदेश गुंजन पटेल, एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष चुन्नू सिंह आदि कई नेता मौजूद रहे।

इनको नहीं मालूम कि क्या कार्यक्रम है, किस पार्टी का कार्यक्रम है

भास्कर ने ऐसे कई लोगों से बात की जो कांग्रेसी नहीं थे। दीघा नहर से आई एक महिला मुनकवा देवी ने कहा कि जुलूस में हम आए हैं, हम लोग किसी के भी जुलूस में चले जाते हैं। हमलोगों की झोपड़ी बार-बार हटाई जा रही है। इसलिए आए हैं। महंगाई तेज हो गई है, इसलिए आए हैं। महिलाओं ने बताया कि उन्हें नहीं मालूम कि वे किसके कार्यक्रम में आए हैं। हमलोग का वोट लेकर नेता लोग राजा हो रहे हैं। हमलोग को घर द्वार चाहिेए। हमलोग का कोई इज्जत नहीं है क्या?

सुमित्रा देवी से जब पूछा गया कि कि घर-द्वार मिलने का आश्वसन कहीं से मिला क्या? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि घर द्वार नहीं मिलेगा तो हमलोग लड़ेंगे नहीं क्या? एक अन्य महिला ने बताया कि हमको पांच बेटियां हैं एक बेटा है, हमको बुलाया गया तो हम आ गए, हमको नहीं मालूम कि इसमें आने से क्या फायदा होगा?

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