मानसूनी बारिश के साथ ही हर चेहरे पर प्रसन्नता दौड़ गई। चाहे वह आम आदमी हो या किसान। मानो आसमान से पानी नहीं अमृत बरसा हो। दो सप्ताह से मानसूनी बारिश नहीं हाेने से जहां तपती धूप आसमान से आग बरसा रही थी। वहीं, खेत में लगी धान की फसल व बिचड़े पानी की कमी से सूख रहे थे।
आम आदमी उमस भरी गर्मी से परेशान था तो किसान धान की फसल व बिचड़े बचाने की चिंता में डूबे हुए थे। बुधवार को दोपहर बाद बारिश होते ही मौसम सुहावना हो गया। जिससे गर्मी से राहत मिली। साथ ही यह बारिश सूख रही फसलों को नया जीवन दे गया। 20 मिनट तक पूरे जिले में झमाझम बारिश हुई।
इसके बाद रुक-रुक बारिश होती रही। जिले में औसत 10 से 15 मिमी बारिश हुई। पूरे क्षेत्र में गरज के साथ हुई बारिश के दौरान 20-25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पूर्वा हवा चलती रही। जिससे मौसम सुहावना हो गया।
राहत : बारिश के बाद तेजी से गिरा तापमान
जिले में चार जुलाई के बाद लगातार तपिश भरी गर्मी पड़ रही थी। मंगलवार की रात का तापमान सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक 27.3 डिग्री रहने के बाद बुधवार की दाेपहर तक बारिश नहीं हाेने से अधिकतम तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक 34.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। लेकिन, दाेपहर बाद हुई बारिश से तापमान में तेजी से कमी आई। मौसम विभाग के अनुसार, अभी बारिश के कारण आगे भी गर्मी से राहत मिलेगी।
उम्मीद : लगातार हुई बारिश तो लहलहा उठेंगी फसलें, भू-जलस्तर में आएगा सुधार
बुधवार की दाेपहर बाद हुई बारिश से सभी फसलों काे काफी लाभ हुआ है। खासकर राेपी गई धान की फसल के साथ तैयार बिचड़े में सीधे पानी जाने से फसलें लहलहा उठीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगर तीन दिनों तक इसी प्रकार बारिश हाे गई ताे धान समेत हर तरह की फसलों को नया जीवन मिलने के साथ ही भू-जलस्तर में भी सुधार आएगा। किसान धान की रोपाई भी शुरू कर देंगे। सब्जियों की पैदावार भी बढ़ेगी। आम एवं लीची की फसलाें काे भी इस बारिश से लाभ हुआ है।
आगे : तीन दिनों तक रिमझिम बारिश के आसार
मौसम विभाग ने इस क्षेत्र में तीन दिनों तक रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होने की संभावना जताई है। 48 से 72 घंटे तक मानसूनी रेखा के क्षेत्र में रहने के कारण हल्की से मध्यम बारिश होगी। नेपाल से सटे तराई क्षेत्र के जिलों में अधिक बारिश हाेगी। इसके साथ ही मानसून के सक्रिय रहने की बात कही है।
इधर, चक्कर मैदान इलाके में एचटी लाइन पर पेड़ गिरा, बिजली बाधित
दाेपहर में तेज हवा व बारिश की वजह से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली आपूर्ति चरमरा गई। माड़ीपुर इलाके में पिन इंसुलेटर ब्रस्ट करने की वजह से तकरीबन 6 घंटे तक बिजली बंद रही। वहीं, चक्कर मैदान इलाके में हाईटेंशन लाइन पर पेड़ गिर जाने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
माड़ीपुर निवासी राजेश सिन्हा का कहना है कि दाेपहर से रात करीब आठ बजे तक बिजली नहीं मिली। वार्ड-10 के निवर्तमान पार्षद अभिमन्यु चाैहान ने बताया कि चक्कर मैदान इलाके के लाेग दाेपहर से रात तक बिजली के लिए परेशान रहे। सबसे ज्यादा तबाही मिस्काॅट सब स्टेशन से जुड़े इलाके में रही।
शाम 5 बजे से रात 10 बजे के बीच 10 बार से भी ज्यादा बिजली ट्रिपिंग हुई। इनवर्टर भी लाेगाें का फेल कर गया। जीराेमाइल व अहियापुर इलाके में भी इसी तरह की परेशानी लाेगाें काे उठानी पड़ी। कार्यपालक अभियंता शहरी डिविजन वन विजय कुमार का कहना है कि लगातार बारिश व हवा की वजह से कुछ जगह परेशानी उठानी पड़ी।



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