सीतामढ़ी बागमती प्रमंडल कार्यालय स्थित परिसदन में पिछले सप्ताह एसडीओ पर फायरिंग करने के मामले में फरार चल रहे दोनों आरोपितों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। बतादें कि पिछले बुधवार की रात एसडीओ कन्हैया प्रसाद पर टेंडर के विवाद को लेकर फायरिंग की गई थी। जिसमें पुलिस ने त्वरित कारवाई करते हुए फायरिंग के मामले कार्यालय के लिपिक रंजीत कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि घटना में शामिल अन्य दो आरोपितों के पिता को पुलिस हिरासत में रखी थी।
पुलिस के काफी दबिश के कारण दोनो आरोपी डुमरा कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले दोनों युवक डुमरा थाना क्षेत्र के विश्वनाथपुर के रहने वाले हैं। दोनों युवक विकास कुमार हुआ जितेंद्र यादव ने सरेंडर कर दिया है। इस संबंध में सदर डीएसपी सुबोध कुमार ने बताया कि पुलिस की दबिश के चलते दोनों सर को सरेंडर करना पड़ा।
बागमती एसडीओ कन्हैया प्रसाद के बयान पर इस मामले में डुमरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बागमती एसडीओ भोजपुर जिले के पिरो जमुहार गांव के रहने वाले है। जिन्होंने बताया कि बागमती कार्यालय में वरीय लिपिक के पद पर तैनात सुरसंड के रहने वाले रंजीत कुमार सिंह के साथ दो व्यक्ति विश्वनाथपुर गांव निवासी विनोद राय के पुत्र जितेंद्र कुमार और हनुमान प्रसाद यादव के पुत्र विकास कुमार आए थे। वही दोनों ने तटबंध पर रखने वाले बोरे देने की मांग की। जिसको लेकर विवाद हुआ और फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया। जिसमें एसडीओ बाल बाल बच गए।



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