राजधानी पटना के राजीव नगर में मकान तोड़ने मामले में पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया है. अतिक्रमण हटाने के मामले पर कोर्ट ने रोक लगा दी है. मामले की सुनवाई होने तक कोर्ट ने कार्रवाई पर पांबदी लगा दी है. पटना हाईकोर्ट ने राजीव नगर अतिक्रमण मामले में स्टे आर्डर को बरकरार रखा है. यानी कि जब तक सुनवाई चल रही है तब तक बुलडोजर नहीं चलेगा. इस बीच 14 जुलाई को अगली सुनवाई की जाएगी. कोर्ट में अगली सुनवाई तक राजीव नगर में बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं सेवा बहाल करने का आदेश दिया है.
वहीं पटना हाईकोर्ट ने डीएम सहित आवास बोर्ड को फटकार भी लगाई है और कहा है कि जब घर बन रहा था तो आप लोग कहां थे. कोर्ट ने तुरंत पानी और बिजली बहाली करने का आदेश जारी किया है. अगली सुनवाई में संबंधित सभी वरीय अधिकारी को उपस्थित होने का आदेश दिया गया है. कोर्ट ने कहा कि वहां रह रहे किसी भी नागरिक को तंग न किया जाए. वहीं हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी को बिना व्यक्तिगत नोटिस दिए ही जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है. साथ ही कोर्ट ने कहा कि जब पुलिस और अधिकारियों की नाक के नीचे ये अतिक्रमण हुआ तो उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई. साथ ही पटना हाईकोर्ट ने प्रशासन से पूछते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रविवार को क्यों की गई. क्या प्रशासन रविवार को काम करता है.
पटना हाईकोर्ट ने पिछले आदेश में प्रशासन की कार्रवाई पर दो दिनों का स्टे लगा दिया था और इस मामले पर अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की थी. कोर्ट ने पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र स्थित नेपाली नगर इलाके में आवास बोर्ड की 40 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर चल रही जिला प्रशासन की कार्रवाई पर अगले दो दिनों के लिए रोक लगा दी थी. साथ इस दौरान पकड़े गये लोगों को भी पुलिस को छोड़ने का आदेश दिया है. अब यह आदेश 14 जुलाई तक जारी रहेगा.
बता दें कि बीते दिनों राजधानी पटना के राजीव नगर इलाके में अवैध मकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चला था. प्रशासन की टीम द्वारा नेपाली नगर में हुए सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को हटाया गया था. वहीं इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया था. जिन्हें पुलिस ने वहां से खदेड़ा था. पुलिस और स्थानीय लोगों में झड़प भी हो गई थी. घटना में पटना के सिटी एसपी अम्बरीष राहुल घायल भी हो गए थे.



Leave a Reply