चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने CM नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘CM नीतीश को शर्म आनी चाहिए। 15 साल वह सत्ता में हैं, फिर भी राज्य गरीब है। यह उनके लिए शर्म की बात है। यहां के लोग ही राज्य को अमीर करने आएंगे।’ दरअसल, CM ने पटना में जेपी-गंगा पथ/ मरीन ड्राइव के उद्घाटन के दौरान कहा था कि बिहार गरीब राज्य है, फिर भी हमारे यहां ऐसी सड़कें बन रही हैं।
बुधवार देर शाम बेतिया-चनपटिया रोड के जोकहा मोड़ के समीप एक निजी सभागार में प्रशांत किशोर ने मीडिया से बात की। जनसुराज कार्यक्रम के तहत वह चंपारण दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘बिहार की व्यवस्था में सुधार तभी होगी, जब राजनीति में अच्छे लोग आएंगे। व्यवस्था में सुधार कोई एक व्यक्ति या दल नहीं कर सकता। अच्छे लोगों के सामूहिक प्रयास से ही व्यवस्था परिवर्तन हो सकता है।’
बड़ा राजनीतिक आंदोलन नहीं होने से पिछड़ा बिहार
बिहार में एक नई राजनीतिक व्यवस्था बनाने के प्रयास के तहत जनसुराज कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के कई वर्षों तक बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल था, लेकिन 1965 से बिहार अन्य राज्यों से किसी न किसी मामले में पिछड़ता गया। 1975 के बाद यहां कोई बड़ा राजनीतिक आंदोलन नहीं हुआ है। जिस कारण बिहार के विकास में एक जड़ता आ गई है। इस जड़ता को दूर करने के लिए राजनीति में अच्छे लोगों को आगे आना होगा।
उन्होंने किसी भी सरकार पर सीधे सीधे टिप्पणी नहीं की, लेकिन कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री के सात निश्चय योजना पूरी तरह फेल है। गांवों की सड़कें बदहाल है, नलों से पानी नहीं आ रहा। शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद सहित तमाम के मामले में बिहार काफी पीछे चला गया है। अगर बिहार की पूर्ववर्ती सरकार काम की होती तो आज यहां के युवकों को रोजगार के लिए दूसरे प्रदेश में नहीं जाना पड़ता। वहां के युवक बिहार में काम करने आते।
2 अक्टूबर को गांधी आश्रम से निकाली जाएगी पदयात्रा
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार एक नई राजनीतिक व्यवस्था बनाने के लिए प्रयास कर रहा हूं। इसके तहत 2 अक्टूबर को भितिहरवा गांधी आश्रम से पद यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा बिहार के हर शहर, जिला और प्रखंडों में होगी। सारी जगह घूमने के बाद ही पदयात्रा की समाप्ति की घोषणा होगी।
इस दौरान किसान, मजदूर, नौजवान, आम लोगों से मिलकर उनके राय जानने के बाद बिहार में नई व्यवस्था और दल बनाने का काम होगा। सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास के आधार पर अच्छे लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पदयात्रा के दौरान लोगों से मिली सुझाव के आधार पर 10 वर्ष के लिए एक कार्य योजना तैयार करेंगे। फिर इसे लोगों के सामने रखेंगे। सिर्फ समस्या ही नहीं उसके निराकरण का भी रास्ता दिखाया जाएगा






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