Breaking News

बिहार में सलाद के लिए विदेशी सब्जियों की होगी खेती, किसानों को आधे दाम पर मिलेंगे पौधे

भोजन में सलाद का बड़ा ही महत्व है। दुनिया भर में लोग खुद को स्वस्थ रखने के लिए सलाद को प्राथमिकता दे रही है। जैसे-जैसे स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ रही है, वैसे-वैसे भोजन में सलाद का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है। इससे भारत में सलाद में काम आने वाली सब्जियों की डिमांड बढ़ रही है। इसे देखते हुए बिहार सरकार ने सलाद में इस्तेमाल होने वालीं विदेशी किस्म की सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। नालंदा जिले के चंडी और वैशाली के देसरी में कृषि विभाग इन फसलों की नर्सरी लगाएगा। यहां से किसानों को आधे दाम पर पौधे दिए जाएंगे। n

डॉक्टर अब हर मरीज को भोजन में सलाद लेने की सलाह देते हैं। डायबिटीज से जूझ रहे मरीजों के लिए भी सलाद फायदेमंद है। ऐसे में सलाद में इस्तेमाल होने वाली सब्जियां की बाजार में भारी मांग है। हर सीजन में इसका दाम अच्छा मिलने से किसान भी इसकी खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

हालांकि अभी राज्य में अच्छी गुणवत्ता के बीज किसानों को नहीं मिल पा रहे हैं। इसलिए सरकार ने विदेशी किस्म की शिमला मिर्च, चेरी, टमाटर बीज रहित खीरा, फूल गोभी और लत्तीदार सब्जियों की नर्सरी लगाने का फैसला किया है। इसके लिए सेंटर ऑफ एक्सिलेंस देसरी और चंडी का चयन किया गया है।

आधी कीमत पर मिलेगा पौधा

विदेशी सब्जियों के इन पौधों की कीमत लगभग दस रुपये प्रति पौधा है। मगर सरकार किसानों को आधी कीमत पर इन्हें उपलब्ध कराएगी। इसके लिए राज्य सरकार इन सब्जियों के पौधों पर 50 फीसदी अनुदान देगी। सरकार का मानना है कि किसान इन फसलों की खेती करेंगे तो उनकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी।

Comment here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.