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व्हाट्सएप के जरिए बेतिया के रामना मैदान में जुटे उपद्र’वी:3 दिन पहले से बना रहे थे योजना

बेतिया में बीते शुक्रवार के दिन अग्निपथ योजना के विरोध में आंदोलन और तोड़फोड़ में दो दिन बाद बेतिया नगर थाना के अपर थानाध्यक्ष मुमताज आलम ने एफआईआर दर्ज कराई है। दारोगा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर सामने आई है। जिसमें पुलिस कह रही है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं पश्चिमी चंपारण के सांसद डा. संजय जायसवाल के आवास पर पहुंचे उपद्रवियों को रोकने के लिए पुलिस को 18 राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। सवाल यह है कि फायरिंग के बाद भी उपद्रवियों ने तोड़फोड़ कैसे की ? उस दिन फायरिंग की बात क्यों नहीं बताई गई थी ? जब मामले ने तूल पकड़ा तो यह बात सामने आई।null

उस दिन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा था कि उपद्रवी जब शहर में प्रवेश किए थे, तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया था। पुलिस मूकदर्शक बनी रही थी। वहीं पुलिस का कहना है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के आवास को जलाने,एवं उन्हें और उनके स्वजन को जान से मारने के लिए पहुंचे हमलावरों में पूर्वी चंपारण के भी युवक शामिल थे। तीन दिन पहले से हमले की साजिश बन रही थी। वाट्सएप मैसेज से उपद्रवी बेतिया के रमना मैदान में जुटने शुरू हुए थे।

उपद्रवी पहले रेलवे स्टेशन उसके बाद उप मुख्यमंत्री रेणु देवी के आवास फिर प्रदेश अध्यक्ष के आवास पर पहुंचे थे। सूचना मिलते ही एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा के निर्देश पर नगर थाने के दारोगा मुमताज आलम के नेतृत्व में पुलिस टीम जायसवाल के आवास पर पहुंची। दारोगा का कहना है कि मौके पर पुलिस ने पहले उपद्रवियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे उग्र हो गए। खुद एसपी और प्रभारी डीएम सह डीडीसी अनिल कुमार भी गए थे। इन्होंने भी उपद्रवियों को समझाने का प्रयास किया था, लेकिन उपद्रवियों ने पुलिस पर हमला बोल दिया था। हथियार छीनने की कोशिश करने लगे। स्वयं और हथियार की सुरक्षा में हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। जिसके बाद पुलिस ने 19 उपद्रवियों को खदेड़कर पकड़ लिया था।

प्रदेश अध्यक्ष ने लगाया था लापरवाही का आरोप सवाल यह है कि फायरिंग के बाद भी उपद्रवी तोड़फोड़ में सफल कैसे रहे? पुलिस ने उस दिन फायरिग की बात क्यों नहीं बताई गई थी। जब मामले ने तूल पकड़ा तो यह बात सामने आई। जबकि उसी दिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा था कि मैंने सक्षम अधिकारियों को सूचित किया था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने कुछ नहीं किया। उपद्रवी मेरे घर पर पहुंचे। सिलेंडर बम के साथ घुसे थे। घर पर पेट्रोल और डीजल फेंका था। आग लगाने का प्रयास किया। तोड़फोड़ एवं हंगामा किया। पुलिस वहा मौजूद थी, लेकिन उपद्रवियों पर कोई कार्रवाई नहीं की।

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