BSSC एग्जाम में 50 हजार कैंडीडेट्स के परीक्षा में शामिल होने पर संकट है। 8 साल बाद होने वाली 8 साल बाद होने वाली सचिवालय सहायक BSSC तृतीय स्नातक स्तरीय परीक्षा में एडिट ऑप्शन नहीं होने से संकट बढ़ा है। कैंडीडेट्स से हुई फॉर्म एक भी गलती का अब सुधार नहीं हो रहा है, कई कंडीडेट्स सर्वर की गड़बड़ी के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। अब एडिट ऑप्शन की मांग को लेकर कैंडीडेट्स आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। कैंडीडेट्स का कहना है कि सुधार का विकल्प नहीं आया तो बड़ा आंदोलन तय है।
एक जून को आई भर्ती
कैंडीडेट्स का कहना है कि बिहार मे 8 साल बाद सचिवालय सहायक सहित अन्य स्नातक स्तरीय पदों के लिए तृतीय स्नातक स्तरीय बहाली बिहार कर्मचारी चयन आयोग की तरफ से 6 अप्रैल 2022 को निकाली गई है। फॉर्म भरने की अंतिम तिथि एक जून 2022 है। हजारों ऐसे अभ्यर्थी हैं जिनका फॉर्म भरने के दौरान कुछ अशुद्धि हो गई है। इस कारण हजारों कैंडीडेट्स परेशान हैं। अब वह आयोग का चक्कर काट रहे हैं। वह मांग कर रहे हैं कि अशुद्धि को सुधार करने का मौका मांग रहे हैं। लेकिन बीएसएससी की तरफ से कोई जवाब नही आया है।
अगर मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन
राष्ट्रीय छात्र एकता मंच के अध्यक्ष छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि आयोग के सर्वर डाउन की वजह से भी कई छात्रों के फॉर्म मे अशुद्धि हो गई है। इसके साथ ही अधिकतर स्टूडेंट्स के पास लैपटॉप नही होने के कारण साइबर कैफे से फॉर्म भरवाते हैं, जहां भीड़ बहुत रहती है। इस कारण साइबर कैफे वाले भी गलती कर देते हैं। बिहार सहित अन्य राज्यों एवं केंद्र सरकार की बहालियों के लिए निकलने वाले फॉर्म मे सुधार के लिए एडिट का ऑप्शन देकर एक मौका दिया जाता है।
पिछली बहाली में दिया गया था विकल्प
कैंडीडेट्स का कहना है कि बीएसएससी ने खुद भी पिछली बहाली मे सुधार का विकल्प दिया था। दिलीप कुमार का कहना है कि 50 हजार से अधिक ऐसे स्टूडेंट्स हैं जिनका कुछ न कुछ गलत भरा गया है। इसलिए बीएसएससी को संवेदनशीलता और मानवीयता दिखाते हुए एडिट का ऑप्शन देकर सुधार के लिए एक मौका छात्रों को देना चाहिए। अगर ऐसा नही होता है तो मजबूरन कैंडीडेट्स को आयोग कार्यालय मे आंदोलन करना पड़ेगा।



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