मोतिहारी के बारा परसौनी पंचायत के नसीबा में किसान हरेंद्र किशोर यादव खेती के साथ गाय और भैंस पालन कर हर महीने 60 हजार से एक लाख रुपए तक कमा रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2002 से गोपालन और भैंस पालन की शुरुआत की थी। शुरू के दिनों में तो संघर्ष करना परा लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, उनका व्यवसाई आगे की ओर बढ़ता गया।
शुरुआत में हरेंद्र किशोर के पास मात्र दो देहाती गाय था, धीरे धीरे जर्सी हाई ब्रीड गाय रखना शुरू किया। जब आमदनी बढ़ी तो गाय की भी संख्या बढ़ाने लगे। लेकिन शुरू के दिन में उतना दुध का खपत करने में दिक्कत होती थी। एक मात्र सुधा डेरी को दूध लेता था, वह भी समय पर पेमेंट नहीं करता था। जब मदर डेयरी आई तो आमदनी में सुधार हुआ, जिसके बाद आज के दिन में 20 गाय और भैंस हैं। जो कि प्रतिदिन 160 से 170 लीटर दूध करती है।
इन दूध को मदर डेयरी की गाड़ी दरवाजे से ले जाती है। इसके अलावा वह गांव के लोगों भी देते हैं। इतना ही नहीं दही,पनीर और घी बनाकर सप्लाई भी करते हैं। इसके अलावे चार लोगों को रोजगार भी दिए हैं। जिन्हें प्रति महीना आठ से 10 हजार रुपए महीना देता है।

हरेंद्र किशोर यादव बताते है कि सरकार का अगर मदद मिल गया होता तो इसे और वृहद कर और ज्यादा लोगो को रोजगार देते, उन्हों ने बताया कि सुबह-शाम मिलाकर 160 से 170 लीटर प्रतिदिन दूध होता है। इसमें उत्तर चढ़ाव होता रहा है। चार मजदूरों के साथ खुद भी उसमें लगे रहते हैं।

मदर डेयरी को जो दूध देते हैं उसमें गाय का 50 और भैंसे के दूध का 60 रुपए प्रति लीटर से अधिक उठता है। जबकि गांव में उठवना पर गाय का दूध 40 और भैस का 50 रुपए बिकता है, अपना दही जमा कर 70 रुपए प्रति किलो, घी महीने में 15 से 20 kg निकलता है। जो एक हजार रुपये किलो, पनीर 400 रु kg ऑडर पर बना दिया जाता है।




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