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मुजफ्फरपुर : पूर्व मेयर ने भी खोला मोर्चा, बोले- बोर्ड से यूजर चार्ज व ट्रेड लाइसेंस नगर विधायक ने पास करवाए

नगर निगम बोर्ड की बैठक के बाद शहर की सरकार व निगम प्रशासन में तकरार जारी है। निगम की गरमाई सियासत के बीच अब पूर्व मेयर सुरेश कुमार ने नगर विधायक विजेंद्र चौधरी पर सीधे हमला बोला है। पूर्व मेयर का कहना है कि नगर विधायक निगम को बर्बाद कर रहे हैं। अपनी राजनीति चमकाने के लिए बेवजह टांग अड़ा रहे हैं। ट्रेड लाइसेंस व यूजर चार्ज लागू करने और फिर विरोध करने के पीछे का माजरा कुछ अलग है। दैनिक भास्कर से बातचीत में पूर्व मेयर सुरेश कुमार ने कहा कि पूरे बिहार में भागलपुर व मुजफ्फरपुर में ट्रेड लाइसेंस का शुल्क लिया जा रहा है।

तत्कालीन मेयर वर्षा सिंह के समय मुजफ्फरपुर में ट्रेड लाइसेंस के लिए छोटे-बड़े सभी कारोबारियों से शुल्क लेने का निर्णय लिया गया। तब नगर निगम कौन चला रहा था? यह शहर को बताने की जरूरत नहीं है। अब नगर विधायक कारोबारियों का हितैषी बन कर ट्रेड लाइसेंस का विरोध कर रहे हैं। अब यूजर चार्ज की कहानी भी जानिए। जब हम मेयर थे। उसी समय सरकार का पत्र आया कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के बदले यूजर चार्ज की वसूली की जाए। तब विजेंद्र चौधरी विधायक नहीं थे। सुरेश शर्मा विधायक के साथ नगर विकास एवं आवास मंत्री भी थे।

नगर निगम बोर्ड की बैठक में यूजर चार्ज लेने का प्रस्ताव हम रखे। विजेंद्र चौधरी ने कहा कि इसको हर हाल में पास कराना है। विजेंद्र चौधरी बोले कि यूजर चार्ज की वसूली से शहर के लोग नाराज होंगे। सुरेश शर्मा को चुनाव में हराने के लिए उन्होंने पार्षदों को गोलबंद कर यूजर चार्ज शहर के सभी मकान मालिकों से लेने के लिए नगर निगम बोर्ड में पास करवाया। अब जब खुद विधायक बने हैं तो यूजर चार्ज का विरोध कर रहे हैं। पूर्व मेयर का कहना है कि विजेंद्र चौधरी बोर्ड के मेंबर रहें या नहीं रहें, उनके करीबी पार्षद दर्जन भर से ज्यादा रहते हैं। वह अपना फायदा-नुकसान देखकर फैसला लेते हैं।

विधायक बोले- शहर की जनता पर किसी भी टैक्स का बोझ नहीं बढ़ने दिए

विधायक विजेंद्र चौधरी

विधायक विजेंद्र चौधरी

पूर्व मेयर सुरेश कुमार के आरोप पर नगर विधायक ने कहा कि उनकी बात का नोटिस लेने की जरूरत नहीं है। हम उनके आरोप पर कोई जवाब भी नहीं देना चाहते। हां, इतना जरूर है कि जनता पर कोई टैक्स का बोझ हम बढ़ने नहीं दिए हैं। तत्कालीन मेयर समीर कुमार व डिप्टी मेयर विवेक कुमार के समय होल्डिंग टैक्स दोगुना करने का प्रस्ताव भेजा गया था। तब अश्विनी चौबे मंत्री थे। वहां जाकर हम बातचीत किए। लेकिन होल्डिंग टैक्स नहीं बढ़ने दिए।

इधर, मेयर के खिलाफ विपक्षी गुट का हस्ताक्षर अभियान शुरू

19 अप्रैल को नगर निगम बोर्ड की बैठक को अवैध करार देने के लिए विपक्षी गुट की मोर्चाबंदी जारी है। मेयर के खिलाफ सरकार को पत्र लिखा जा रहा है। दूसरी ओर, नगर निगम बोर्ड की विशेष बैठक पार्षदों की ओर से बुलाने का भी मसौदा तैयार किया जा रहा है। दोनों पत्र पर वार्ड पार्षदों का हस्ताक्षर शनिवार की रात तक जारी रहा। मेयर के खिलाफ तैयार आवेदन पर पहला हस्ताक्षर नंदकुमार प्रसाद साह व दूसरा हस्ताक्षर पूर्व मेयर सुरेश कुमार का बताया जा रहा है।

दोनों पत्र को सोमवार को अंतिम रूप दिया जाएगा। विपक्षी गुट का कहना है कि हम लोग सरकार को पत्र भेजेंगे कि मेयर की अध्यक्षता में 19 अप्रैल को जो नगर निगम बोर्ड की बैठक हुई, वह असंवैधानिक है। पत्र में मेयर पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। विपक्ष का कहना है कि फरदो नाले की उड़ाही का प्रस्ताव स्टैंडिंग व नगर निगम बोर्ड से पास हो चुका है। मेयर खुद नगर आयुक्त को पत्र लिखे। इसके बावजूद 19 अप्रैल को नगर निगम बोर्ड की बैठक में फरदो नाले की सफाई पर सवाल उठाया गया।

30 को बोर्ड की बैठक बुला सकते हैं मेयर

स्मार्ट सिटी के बेतरतीब काम व नगर निगम बोर्ड का बजट पास करने के लिए 30 अप्रैल को मेयर राकेश कुमार पिंटू विशेष बैठक बुला सकते हैं। विपक्षी गुट की सक्रियता के बाद मेयर गुट ने भी मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। मेयर का कहना है कि बेवजह कुछ लोग विवाद खड़ा करना चाहते हैं। 19 अप्रैल को नगर निगम की जो बैठक हुई है, उसे असंवैधानिक कैसे कहा जा सकता है?

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