में नमी की मात्रा अत्यधिक बढ़ गई। असर यह हुआ कि शहर के आसपास में शनिवार सुबह सात बजे तक धुंध छाई रही। एनएच पर धुंध छाने के कारण वाहनाें की रफ्तार धीमी हाे गई। गर्मी के माैसम में धुंध छाने से लाेगाें में कौतूहल बना रहा। हालांकि, माैसम वैज्ञानिक की मानें ताे गर्मी के माैसम में भी सुबह 7 बजे तक हवा में नमी की मात्रा 90% से अधिक हाे जाने से धुंध छाना सामान्य प्रक्रिया है
वहीं, दोपहर 2 बजे नमी 27 फीसदी हो जाने से झुलसाने वाली गर्मी का अहसास हुआ। शनिवार को अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम पारा 20.0 डिग्री रहा। इस बीच अगले चार दिनाें तक मुजफ्फरपुर तथा आसपास के जिलाें में हीट वेव चलने की आशंका है। अधिकतम तापमान 43 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।
तराई क्षेत्राें में होगी बूंदाबांदी
माैसम वैज्ञानिक डाॅ. ए सत्तार की मानें ताे चार दिनाें तक झुलसाने वाली गर्मी के बाद लाेकल सिस्टम में कन्वेक्टिव सेल बन सकता है। इससे गर्म हवा जब ऊपर की ओर जाती है, ताे फ्रीजिंग लेवल में जाकर जमने लगता है। इससे तराई क्षेत्राें में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हाे सकती है। माैसम के बदले तेवर काे देख विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इसका स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।
मौसम का मिजाज




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