तापमान बढ़ते देखकर सिविल सर्जन ने शनिवार काे पीएचसी प्रभारियाें, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक व केजरीवाल के प्रतिनिधि के साथ आपात बैठक की। इसमें इस बात की समीक्षा की गई कि एईएस से बचाव के लिए अब तक कितना इंप्लीमेंट कितना हुआ। सीएस ने कहा कि छाेटी-छाेटी बाताें काे भी नजरअंदाज न करें, तभी एईएस पर काबू पाया जा सकता है। हर लाेग इसे चुनाैती के रूप में करें। उन्हाेंने चेतावनी दी कि किसी भी लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई हाेगी।
कहा- तापमान बढ़ने से इसका प्रकाेप भी बढ़ने की आशंका है, इसलिए और अधिक तत्परता दिखाने की जरूरत है। इसके लिए सभी पीएचसी प्राेट्राेकाॅल की कमियाें काे 24 घंटे में पूरा कर लें। टैग निजी एंबुलेंस का नंबर प्रसारित करें। आशा, आंगनबाड़ी, एएनएम, जीविका, विकास मित्र, जनवितरण विक्रेता और जनप्रतिनिधियाें के माध्यम से जनजागरूकता अभियान और तेज करें।
अधिकारियाें की टीम ने शनिवार काे फिर 270 गांवाें में चाैपाल लगाकर लाेगाें काे एईएस से बचाव के लिए जागरूक किया। आशा, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, जीविका, विकास मित्र, जनप्रतिनिधि के सहयाेग के साथ जागरूकता अभियान चलया। गांव की महिलाएं, युवा, किशाेर-किशाेरियाें और बुजुर्गाे काे बताया कि बच्चे काे धूप में न जाने दें, उन्हें रात में खाली पेट न साेने दें, खाने में मीठा सामान जरूर दें, चमकी-बुखार का लक्षण दिखे या फिर सुबह में वह सुस्त दिखे, उसके मुंह से झाग जैसा निकले ताे फाैरन अस्पताल ले जाएं।
बताया गया कि प्रत्येक गांव से एक-एक एंबुलेंस टैग है। बता दें कि जिले के प्रत्येक अधिकारी किसी न किसी एईएस प्रभावित गांव काे गाेद लिए हुए हैं। उस गांव में प्रत्येक शनिवार काे पहुंचकर चाैपाल लगा लाेगाें काे जागरूक करते हैं, बचाव के टिप्स देते हैं।



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