नई दिल्ली: दिल्ली के एक कोरोना मरीज में ओमिक्रॉन के BA.2.12.1 म्यूटेंट की पहचान की गई है. कोरोना वायरस की प्रकृति पर नजर रखने वाली संस्था जिनोमिक कॉन्सोर्टियम (INSACOG) के टॉप सोर्स ने ‘मनी कंट्रोल’ को बताया कि कोरोना का नया म्यूटेंट BA.2.12.1 दिल्ली और आसपास के जिले में कोरोना के मामलों में उछाल की वजह हो सकता है. बता दें कि BA. 2.12.1, ओमिक्रॉन के सब वेरिएंट BA.2 से जुड़ा वेरिएंट ही है. आधिकारिक पुष्टि के लिए जब संपर्क किया गया तो राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के डायरेक्टर डॉ. सुजीत कुमार सिंह ने दिल्ली में इस नए म्यूटेंट BA. 2.12.1 के पहचान होने की पुष्टि की, मगर इसके बारे में अधिक विस्तार से नहीं बताया. बता दें कि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आने वाली एजेंसी है, जो कि इंसाकोग परियोजना यानी INSACOG प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रही है.
हालांकि, सूत्रों ने कहा कि दिल्ली के कई सैंपल में BA.2.12.1 वेरिएंट का पता चला है, जो पिछले कुछ दिनों में पूरे जीनोम सीक्वेंसिंग से गुजरा है. BA.2.12.1 के साथ-साथ BA.2.12, ओमिक्रॉन BA.2 के अन्य सब वेरिएंट हैं, जो हाल ही में न्यूयॉर्क और अमेरिका के कुछ अन्य हिस्सों में यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (CDC) द्वारा पहचाना गया था. कहा जाता है कि अमेरिका में मामलों के बढ़ने के पीछे इसी वेरिएंट का हाथ है. INSACOG से जुड़े वैज्ञानिकों ने कहा कि यह नया सब वेरिएंट BA.2 से भी अधिक संक्रामक प्रतीत होता है. BA.2 जनवरी में भारत में काफी एक्टिव था.
एनसीडीसी के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि हमारे शुरुआती विश्लेषण में दिल्ली में कोरोना वायरस के रोगियों से एकत्र किए गए नमूनों में BA.2.12.1 वेरिएंट की पुष्टि हुई है. उन्होंने कहा कि BA.2 की तरह यह नया म्यूटेंट भी उन लोगों में पुन: संक्रमण पैदा करने में सक्षम दिखाई दिया, जो पहले भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं.
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कोविड-19 सर्विलांस प्रोग्राम से जुड़े एक अन्य वैज्ञानिक ने कहा कि हालांकि न्यूयॉर्क की रिपोर्ट बताती है कि BA.2.12. 1, ओमिक्रॉन के BA.2 सब-वेरिएंट से भी अधिक संक्रामक है, मगर भारत में अब तक स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है. क्योंकि यह नया वेरिएंट कितना खतरनाक है, इसका पता नहीं चल पाया है. वैज्ञानिकों को अभी भी पता लगाना है कि यह वेरिएंट कितना खतरनाक और प्रभावी है. हालांकि ओमिक्रॉन BA.2 से ग्रसित मरीज में हल्के लक्षण देखे गए थे. मुख्य रूप से टीकाकरण और इम्यूनिटी की वजह से यह लोगों में हल्के रोग का कारण बना था.
हालांकि, कुछ शोधकर्ताओं ने यह भी सुझाव दिया है कि म्यूटेड वायरस BA.2, अन्य ओमिक्रॉन सब वेरिएंट BA.1 की तरह अधिकांश लोगों में केवल ऊपरी श्वसन संबंधी बीमारी पैदा करने में सक्षम है और यह फेफड़ों को प्रभावित नहीं करता है. नए सब वेरिएंट BA.2.12.1 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब तक चिंता के एक वेरिएंट यानी वेरिएंट ऑफ कंसर्न के रूप में घोषित नहीं किया.



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