इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Imran Khan) ने मंगलवार को कहा कि वह दोनों देशों के बीच मतभेदों को सुलझाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के साथ टेलीविजन पर बहस करना चाहते हैं. 75 साल पहले आजादी हासिल करने और तब से तीन युद्ध लड़ने के बाद से भारत और पाकिस्तान (India & Pakistan) के बीच तनावपूर्ण संबंध हैं. इमरान खान ने रसिया टुडे को एक साक्षात्कार में कहा, “मैं टीवी पर पीएम नरेंद्र मोदी के साथ बहस करना पसंद करूंगा.”.विज्ञापन
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि मतभेदों को बहस के माध्यम से हल किया जा सके, तो यह भारतीय उपमहाद्वीप में अरबों से अधिक लोगों के लिए फायदेमंद होगा. इमरान खान के इस बयान को लेकर जब समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने भारत के विदेश मंत्रालय से पूछा, तो तुरंत इसका जवाब नहीं दिया.
‘कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए वार्ता हो’
इससे पहले, बीते 14 फरवरी को भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर के अनसुलझे विवाद को चिंता का विषय बताते हुए दोनों देशों को अच्छे पड़ोसी की तरह वार्ता की मेज पर आकर इस मामले का समाधान के लिए जोर दिया था. खान ने समाचार चैनल सीएनएन को दिए साक्षात्कार में कहा था, “अगर यह मुद्दा जारी रहता है तो हमेशा दोनों परमाणु शक्तियों के बीच संघर्ष होने की आशंका कायम रहेगी.”

कई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार है पाकिस्तान
2008 के मुंबई आतंकी हमले के अलावा, भारत ने पाकिस्तान से 2016 के पठानकोट आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों और आतंकी संगठनों पर नकेल कसने के लिए कहा है, जिसमें 7 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे. साथ ही 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में 40 से अधिक भारतीय सैनिक मारे गए थे. पठानकोट आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पार आतंकी लॉन्च पैड्स पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था. इसी तरह से, पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने भी बालाकोट में आतंकी कैंपों पर हवाई हमला किया था.
उल्लेखनीय है कि भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट कर दिया है कि उसकी इच्छा इस्लामाबाद के साथ आतंकवाद विद्वेष और हिंसा से मुक्त माहौल में सामान्य पड़ोसी की तरह संबंध स्थापित करने की है. भारत ने कहा कि यह पाकिस्तान की जिम्मेदारी है कि वह आतंकवाद और विद्वेष मुक्त माहौल बनाए.



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