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माघी पूर्णिमा पर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़

माघी पूर्णिमा का अपना महत्व है। आज के दिन गंगा स्नान एवं दान करने से घर में सुख समृद्धि आती है। इसलिए तो माघी पूर्णिमा के दिन सुबह से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में गंगा स्नान करने के लिए गंगा के विभिन्न घाटों पर उमर रहे हैं। माघी पूर्णिमा में मुंगेर में भी गंगा स्नान करने के लिए श्रद्धालु कष्टहरनी घाट, सोझी घाट, बबुआ घाट में भी हजारों की संख्या में सुबह से ही गंगा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। गंगा स्नान कर पूजा पाठ कर रहे हैं और दान पुण्य भी कर रहे।

शहर के 3 घाटों पर उमड़ी भीड़

स्नान करने वालों की भीड़ मुंगेर जिले के प्रमुख बबुआ घाट, कस्टहरनी घाट एवं सोझी घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ गंगा स्नान के लिए सुबह से ही शुरू हो गई है। मंगल बाजार की रहने वाली सुमित्रा देवी ने बताया कि हम पिछले 20 वर्षों से माघी पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान कर गरीब को दान पुण्य करते हैं। श्रद्धालु उषा देवी ने बताया कि आज के दिन किया गया दान बेकार नहीं जाता। आज हम लोगों ने गंगा स्नान कर पूजा पाठ किया।

सीताकुंड मेले में उमड़ती है भीड़

माघी पूर्णिमा में गंगा स्नान करने मुंगेर जिला के ही नहीं बल्कि खगड़िया ,बेगूसराय से भी श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आते हैं। सड़क पुल बन जाने से बेगूसराय एवं खगड़िया के भी लोग बड़ी संख्या में गंगा स्नान करने आ रहे हैं। खगड़िया के रहने वाली अतिया देवी ने कहा कि पहले नाव से आते थे अब सड़क से आए हैं। गंगा स्नान करने के बाद हम लोग सीताकुंड पवित्र स्थल जाएंगे, जहां माता सीता के कुंड की पूजा करेंगे। इसी तरह बेगूसराय की रहने वाली पुष्पा देवी ने भी कहा कि हम पहली बार सड़क पुल से आए हैं। पूजा-पाठ का सीता कुंड जाते हैं। पूरे परिवार के साथ गंगा स्नान किए हैं और अब सीताकुंड जा रहे हैं। पूजा-पाठ करने के बाद दिन सीताकुंड में बिताएंगे और शाम में अपने घर बेगूसराय चले जाएंगे।

दुर्घटना रोकने के लिए गोताखोर प्रतिनियुक्त

गंगा घाट पर किसी तरह की अनहोनी ना हो। गंगा स्नान करने आए श्रद्धालु अगर गंगा में डूबने लगे तो उन्हें बचाने के लिए सदर अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर सोझीघाट, बबुआ घाट एवं कस्टहरनी घाट के लिए SDRF के 15 गोताखोर प्रतिनियुक्त किए गए हैं। इस संबंध में कष्ट हरनी घाट पर तैनात गोताखोर जितेंद्र साहनी ने कहा कि प्रत्येक घाट पर पांच-पांच गोताखोर 2-2 स्पीड बोट के साथ है। हम लोग लगातार गंगा में गस्ती भी कर रहे हैं। ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से लोगों को गहरे पानी में नहीं आने के लिए सूचना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर गंगा स्नान के दौरान कोई डूबने लगता है तो हम लोग तुरंत गंगा में छलांग लगाकर उन्हें बचाने का प्रयास भी करते हैं

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