मुजफ्फरपुर : करवा चौथ पर्व की पूर्व संध्या पर पर्व से जुड़े समाग्रियों की जमकर हुई खरीदारी
ओमप्रकाश दीपक
मुजफ्फरपुर। करवा चौथ पर्व 24 अक्टूबर रविवार को है। पर्व करने वाले महिलाओं ने शनिवार को नहाय-खाय किया। रविवार को महिला चांद की पूजा अर्चना करेंगी। पर्व की पूर्व संध्या पर विभिन्न बाजारों में पर्व से जुड़े समाग्रियों की जमकर खरीदारी हुई। दुकानों पर खरीदारों की हुजूम बनी रही। इसबार पूजा समाग्रियों की कीमत में बीस प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
जिले के गांव से लेकर शहर तक पर्व में काम आने वाले वस्तुओं से बाजार पट गया है। शहर के हरेक चौक-चौराहों पर इन समाग्रियों की फुटकर दुकानदार बिक्री कर रहे है। इन दुकानों पर चलनी, दिया, कपटी, सिंगार वस्तु, पूजा समाग्री को बिक्री के लिए रखें गये हैं। इन दुकानों पर खरीदारों की हुजूम देखी जा रही है।
हालांकि इसबार पर्व में काम आने वाली वस्तुओं की कीमत में लगभग बीस प्रतिशत का इजाफा हुआ। बाजार में भी समाग्रियों की कीमत कोई निर्धारित नहीं है। जितना में ग्राहक पट जाये दुकानदार वस्तु के बेचने में लगे है।
शहर के सरैयागंज, कल्याणी, धर्मशाला चौक, कलमबाग रोड, अधोरिया बाजार, कच्ची पक्की, छाता चौक, माड़ीपुर, भगवानपुर, बैरिया, लक्ष्मी चौक, मिठनपुरा, जेल चौक, जीरो माईल, अखाड़ाघाट, बालूघाट आदि इलाकों में फुटपाथी दुकानें खुली हुई है। जहां करवा चौथ पर्व में काम आने वाली वस्तुकी बिक्री जमकर हो रही है।
शहर के विभिन्न बाजारों में करवा चौथ पर्व में काम आने वाली चलनी जहां 30 से 40 रुपये, गोटा से सजाया हुआ चलनी 70 से 150 रुपये, पीतल वाला करवा (लोटिया) 120 से 280 रुपये, चुंदरी 10 से 50 रुपये, सजाया हुआ थाली 150 से 350 रुपये, मिट्टी वाले करवा 5 से 15 रुपये, कपटी एवं दिया 5 रुपये की दर से बेचा गया।

वहीं पूजन समाग्री 20 से 100 रुपये, भखरा सिंदूर 5 रुपये पॉकेट, नारियल 25 से 30 रुपये पीस, बतासा 80 रुपये प्रतिकिलो, मूरी 50 रुपये प्रतिकिलो, मुकूंनदाना 60 रुपये प्रतिकिलो एवं करवा चौथ कथा वाले पुस्तक 20 रुपये पीस की दर से बिक्री हुई। बाजार की हालत यह है कि कितना पैसा लगाओ वैसा माल पाओ वाली स्थिति बनी रही। सरैयागंज स्थित जय भोले पूजा भंडार के प्रमोद कुमार ने बताया कि इसबार पूजा समाग्रियों की कीमत में बीस प्रतिशत का इजाफा हुआ है। रविवार को पर्व रहने के कारण शनिवार बिक्री अच्छी रही।

सुहागिनों का सबसे बड़ा पर्व करवा चौथ 24 अक्टूबर रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, वैवाहिक जीवन और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला करवा चौथ व्रत रखती हैं। व्रती महिलाएं रात को चांद दर्शन और पूजा के बाद व्रत तोड़ती हैं।

मान्यता है कि चंद्र दर्शन और चांद को अर्घ्य देने से पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। करवा चौथ व्रत इस साल विशेष योग में मनाया जा रहा है। पंड़ितों के अनुसार, करवा चौथ पर चंद्रमा अपने प्रिय नक्षत्र रोहिणी में उदित होंगे। ऐसा संयोग करीब पांच साल बाद बन रहा है।




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