मुजफ्फरपुर । लाभुकों से सरकार द्वारा निर्धारित राशि से अधिक लेने वाले डीलर या तो दुकान छोड़ दें या सुधर जाएं। शिकायत मिलने पर 24 घंटे में या तो दुकान रद होगी या जेल जाना पड़ेगा। उक्त बातें प्रखंड सभागार में मुशहरी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के जनवितरण प्रणाली दुकानदारों की बैठक में प्रखंड आपूॢत पदाधिकारी संतोष कुमार ने कहीं।


उन्होंने कहा कि प्रत्येक यूनिट पर तीन किलो चावल व दो किलो गेहूं, जिसमें तीन रुपये किलो चावल व दो रुपये किलो गेहूं हर हाल में देना है। सभी 270 डीलरों ने भरोसा दिलाया । साथ ही अपनी समस्या भी बताई। आग्रह किया कि एसएफसी गोदाम बेला, खादी भंडार व मुशहरी गोदाम में अवैध कर्मी कार्य करते हैं। गड़बड़ी का मूल कारण यही है । वहां से ही घटतौली होती है । चावल व गेहूं के पटसन वाले बोरे का वजन 580 ग्राम होता है। तौल में बोरा का वजन भी शामिल कर लिया जाता है। इससे प्रति बोरा में आधा किलो से अधिक वजन कम होता है। इससे परेशानी बढ़ती है।

एमओ ने तीनों गोदाम के प्रबंधक से बात कर कहा कि कोई डीलर गोदाम पर नहीं जाएगा। वजन में कमी होगी तो कोई डीलर खाद्यान्न प्राप्त नहीं करेगा। डीलरों ने कहा कि बेला गोदाम ही गड़बड़ी की मूल जड़ है। वहीं से खाद्यान्न की कालाबाजारी की संभावना रहती है। वहां के गोदाम प्रबंधक की भी मिलीभगत है। हैदराबाद की कंपनी फोरजी के कर्मी भी इस घालमेल में शामिल हैं। किसी भी गोदाम में सीसी कैमरा चालू नहीं है। 2016 में तत्कालीन मंत्री खाद्य आपूॢत मदन सहनी ने निरीक्षण किया था। कई कर्मियों पर कार्रवाई भी हुई। उसके बाद से कोई भी प्रबंधक ने गोदाम में आना तक छोड़ दिया। बैठक में फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के देवन रजक, भीमवली सहनी, मेघुरजक, शशिनाथ ठाकुर, रमा शंकर सिंह, शकील अहमद, मो.अफजल, इमरान व राजेश आदि थे।




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