कोरोना महामारी में ऑक्सीजन और दवा के कालाबाजारी के खिलाफ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग काफी सख्त नजर आ रहा है. राज्य में अभी तक दर्जनों ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ केस तक दर्ज किया जा चुका है. लेकिन इन कार्रवाईयों के बीच कुछ दुकानदार और अस्पतालों के संचालकों के द्वारा मरीज तथा उनके परिजनों से मनमानी वसूली से परहेज नहीं किया जा रहा है.
ताजा मामले में ऐसी ही एक शिकायत पर औषधि निरीक्षक क्यूमुद्दीन अंसारी ने कंकड़बाग के एक दवा दुकानदार के खिलाफ पत्रकार नगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाया है. घटना के अनुसार बेतिया निवासी दिनेश कुमार ने ड्रग्स अधिकारियों को बताया कि मेसर्स मां काली मेडिको मालती भवन ललित निकेतन कॉलोनी-काली मंदिर रोड, संजय गांधी नगर, हनुमाननगर ने कोरोना में इस्तेमाल किए जाने वाले जिंकोनिया 50 टेबलेट्स का 65 रुपए वसूल किया. जबकि इसकी एमआरपी 55.05 रुपए अंकित है. जब ड्रग्स इंस्पेक्टर ने इसकी जांच की तो दवा दुकानदार ने भी अपने गुनाह को कबूल किया.
इसके बाद ड्रग्स अधिकारी के द्वारा आरोपी दुकान मालिक के खिलाफ औषधियों का कालाबाजारी आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 52, 53, डीपीसीओ 2013 की धारा 26 आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 के तहत पत्रकार नगर थाने में केस दर्ज करवाया गया. दवा दुकानदार वैशाली का रहने वाला बताया गया है, जो पटना में रहकर कारोबार करता रहा है.






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