बुधवार को मुसलमान भाईयों के सबसे बड़े त्योहार ईद का चांद देखे जाने पुष्टि देश समेत राज्य के किसी इलाके से नहीं हुई. चांद देखे जाने की सूचना प्राप्त करने व देने के लिए राजधानी स्थित राज्य के प्रमुख मुस्लिम धार्मिक व सामाजिक संस्थानों के मोबाइल व फोन पर लगातार कॉल आने का सिलसिला जारी रहा, लेकिन बुधवार को चांद नहीं दिखा. इस लिए अब ईद शुक्रवार को मनायी जायेगी. इसकी पुष्टि करते हुये एमारत ए शारिया के नायेब काजी मौलाना मौलाना अंजार आलम कासमी और खानकाह मुजीबिया के प्रबंधक सैयद शाह मिंहाज उददीन कादरी ने बताया कि ईद का चांद देश समेत राज्य के किसी क्षेत्र में नही देखा गया है. इस लिए गुरूवार को रमजान का अंतिम रोजा रखा जायेगा और शुक्रवार को ईद पर्व मनाया जायेगा.
इमारते शरिया बिहार का बड़ा मुस्लिम संगठन है और रमज़ान का चांद और ईद का चांद की घोषणा इमारते शरिया ही करता है और उसके बाद लोग ईद मनाते है. इस बार शरिया के कार्यकारी नाज़िम ने लोगों से अपील कि कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन की वजह से मुसलमान ईद की नमाज़ घरों में ही अदा करें, साथ ही लॉकडाउन की गाइडलाइन्स का भी पालन करें.
उन्होंने मुस्लिम संगठन ने भी अपील की है कि वैसे मुस्लिम भाई ईद की नमाज़ के बाद आपस में गिला शिकवा दूर करके गले मिलते थे एक दूसरों के यहां खुशिया मनाने जाते थे वो इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस चीज से परहेज करें. इमारते शरिया के कार्यकारी नाज़िम ने कहा की कोरोना की वजह से लोग बेहद परेशान है, कई लोगों की मौत हुई है, इस बार लोग दुआ करे की ये बीमारी जल्द से जल्द ख़त्म हो और लोग अमन चैन से रह सकें.



दरअसल पिछले दो साल से कोरोना की वजह से ईद की नमाज़ गांधी मैदान में नहीं पढ़ी जा रही है. नमाज़ के वक्त बड़ी संख्या में लोग गांधी मैदान पहुंचते थे और ईद की नमाज़ पढ़ते थे. इसमें मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल तक शामिल होते थे. गांधी मैदान ही नहीं बल्कि ईदगाह और मस्जिदों में भी नमाज़ अदा नहीं की जा रही है, ताकि कोरोना का ख़तरा नहीं बढ़े. नमाज अदा करने के बाद मुबारकबादी देने की परंपरा भी है साथ ही पूरे दिन दावत भी होती है.



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