BIHARBreaking NewsSTATE

क्या कार में अकेले होने पर भी मास्क नहीं लगाने पर लगेगा जुर्माना? सरकार ने दिए ये निर्देश

नई दिल्ली. देश में फैले कोरोना संक्रमण (Covid-19) की रोकथाम के लिए हर व्यक्ति को मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है. दिल्ली पुलिस ने लोगों को अपनी कारों में अकेले ड्राइविंग करते हुए भी मास्क न पहनने के लिए जुर्माना लगाया है. लेकिन स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने गुरुवार को कहा कि ‘स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों में ऐसा कोई निर्देश नहीं है कि अकेले कार चलाने वाले व्यक्ति को मास्क पहनना आवश्यक है. यदि आप अन्य लोगों के साथ सफर कर रहे हैं तो मास्क लगाना जरुरी है. लेकिन अगर आप अकेले गाड़ी चला रहे हैं तो इसे पहनने का कोई निर्देश नहीं है.’
अकेले वाहन चलाते समय जरुरी नहीं मास्क-

भूषण ने कहा कि ग्रुप में होने पर लोगों को मास्क पहनना चाहिए और सामाजिक दूरी बनाए रखना चाहिए, यह बात अकेले वाहनों के अंदर यात्रा करने वालों पर लागू नहीं होती है. उन्होंने कहा, व्यायाम करने के लिए, आपने देखा होगा कि लोगों में शारीरिक गतिविधियों के बारे में जागरूकता बढ़ी है. आपने लोगों को दो या तीन के समूह में साइकिल चलाते और जॉगिंग करते देखा होगा. ऐसे में जरुरी है संक्रमण से बचने के लिए लोग अनिवार्य रूप से मास्क लगाएं. हालांकि, यदि आप अकेले साइकिल चला रहे हैं, तो मास्क पहनने पर कोई अनिवार्य नियम नहीं है.

जुर्माने के रूप में वसूले 13 करोड़-
इस बीच दिल्ली पुलिस ने 15 जून से 2 सितंबर के बीच मास्क नहीं पहनने, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं करने के सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी में ढाई लाख से अधिक चालान काटे. यह जानकारी गुरुवार को अधिकारियों ने दी. उन्होंने कहा कि इस दौरान 15 पुलिस जिलों में 2,60,991 चालान काटे गए. उल्लंघन करने वालों से जुर्माने के रूप में अब तक कुल 13 करोड़ से अधिक रुपये जमा किए गए.
ये भी पढ़ें : देश का सबसे बड़ा बैंक SBI दे रहा सस्ते में ‘Green Car Loan’, 90 फीसदी रकम होगी फाइनेंस- जानें सबकुछ
सबसे अधिक 29297 चालान बाहरी जिले में, 20513 चालान दक्षिण जिले में, 21181 चालान जिले में और 23389 चालान पश्चिम जिले में काटे गए. पुलिस ने कहा कि महानगर में 2,33,545 चालान मास्क नहीं पहनने के मामले में काटे गए. दिल्ली पुलिस ने जरुरतमंद लोगों को 15 जून से दो सितंबर तक कुल 2,47,007 मास्क वितरित किए. एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया, ‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, कार में यात्रा करने वाले व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर माना जाता है. इसलिए, हम चालान जारी कर रहे हैं. ‘

Comment here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.