मुजफ्फरपुर के मीनापुर थाना क्षेत्र स्तिथ गोरिगामा मे उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक से 9.43 लाख लूटकांड मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। मामले की जांच के लिए अलग से एसआईटी टीम गठित की गई है।
इसके अलावा, पटना एसटीएफ की टीम भी जांच करने पहुंची। पुलिस ने इलाके से दो संदिग्ध को भी उठाया है। उससे गोपनीय स्थान पर रखकर पूछताछ की जा रही है।
बताया जा रहा कि लूट से पहले 100 मीटर सामने पूरब के बँसवारी मे पल्सर सवार अपराधियों ने रेकी की थी। वहां से अपाचे पर सवार दो युवक बैंक मुआयना करने के बाद वहां पहुंचे थे। इसके बाद अपराधी एक बाइक पर पहुंच कर लूट की घटना को अंजाम दिया।
वहीं, थानेदार राजेश कुमार के नेतृत्व में मीनापुर पुलिस व डीआइयू ने बैंक परिसर की स्थिति का जायजा लिया। बैंक प्रबंधन को बाहर में बढिया सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया। साथ ही बैंक मैनेजर को आपात स्थिति में सायरन बजाने का मॉक ड्रिल कराया गया।
थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि शाखा प्रबंधक ब्रह्मदेव वर्णवाल के बयान पर नौ लाख 43 हजार रूपये लूट की प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। शाखा प्रबंधक ने एफआईआर में तीन अपराधियों के बैंक में घुसने का जिक्र किया है। बँसवारी मे अपराधियो की जुटने की पुष्टि पुलिस भी कर रही है।
बताया जा रहा है की दिनदहाड़े बैंक लूट के बाद बैंक नियत समय पर खुला। लेकिन अपराह्न 3 बजे के बाद तक भय के कारण एक भी ग्राहक बैंक नहीं पहुंचा। जबकि शाखा प्रबंधक ब्रह्मदेव बर्णवाल, कैशियर संजय कुमार पाल अपनी कुर्सी पर कार्यरत थे। वहीं बैंक मित्रा कृष्णा देवी बरामदे में तथा चौकीदार महादेव राय अपने ड्यूटी पर तैनात दिखे।



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