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2 करोड़ की लागत से होगा तैयार:एमआईटी में मल्टी हजार्ड्स सेफ्टी क्लीनिक सेंटर होगा स्थापित

मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में अब मल्टी हजार्ड्स सेफ्टी क्लीनिक सेंटर की स्थापना होगी। इससे यहां प्राकृतिक आपदाओं पर रिसर्च के साथ उससे होने वाले जान-माल की हानि को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और कॉलेज के संयुक्त प्रयास से इसकी स्थापना की जानी है। कॉलेज के स्तर से इसका डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर प्राधिकरण को मंजूरी के लिए भेजा गया है।

सेंटर में विभिन्न प्राकृतिक घटनाओं से लेकर मानव प्रेरित घटनाओं जैसे बाढ़, सूखा, ठनका, भूस्खलन, आग, सड़क दुर्घटना, भगदड़, महामारी, हीटवेव, शीतलहर से बचाव और इसके कारण की पूरी जानकारी मिल सकेगी। यह आमजन और स्कूली बच्चों समेत रिसर्च करने वाले स्कॉलर के साथ अन्य के लिए एक रिसोर्स सेंटर के रूप में काम करेगा। सिविल ब्रांच के प्रो. विजय कुमार ने इसका प्रोजेक्ट तैयार किया है। बताया कि निर्माण में करीब 2 करोड़ रुपए लागत आएगी। इसे बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से स्थापित करने की योजना है।

फिजिकल मॉडल बनाकर दिखाएंगे बचाव के उपाय

नए सेंटर में एक ही भवन में सभी प्राकृतिक और मानव प्रेरित आपदाओं की जानकारी रोचक तरीके से मिल सकेगी। इसमें डिस्प्ले बोर्ड के साथ विभिन्न प्रकार के फिजिकल मॉडल और आकृतियों का प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके माध्यम से यह दर्शाया जाएगा कि आपदाओं से बचने के लिए होने वाले निर्माण में कैसी सावधानी बरतना चाहिए।

प्रो. विजय कुमार ने बताया कि अगलगी की घटना से बचाव और इससे होने वाले नुकसान को कम करने के लिए निर्माण में किन तकनीकों का इस्तेमाल करना है या घर पर ठनका या बिजली नहीं गिरे या इससे न के बराबर नुकसान हो इसके लिए सारी जरूरी जानकारी सेंटर से मिल सकेगी।

विभिन्न प्रकार के निर्माण की प्रदर्शनी से इसके फायदों को बताया जाएगा। बताया कि यह अब तक इकलौता ऐसा सेंटर होगा जो मल्टी हजार्ड्स सेफ्टी क्लीनिक के रूप में काम करेगा। देश में एक ही भवन में ऐसा कोई भी सेंटर संचालित नहीं है।

गृह निर्माण तकनीक भी बताएगा

जलाने वाली गर्मी, हीटवेव, शीतलहर से से बचाव के लिए गृह निर्माण में बरतने जाने वाली सभी सावधानियों और तकनीक की जानकारी भी सेंटर से हासिल किया जा सकेगा। मसलन घर की उंचाई कितनी हो, सतह के नीचे से ड्रेनेज निकालने की युक्ति समेत अन्य उपायों से निर्माण तकनीक को बेहतर किया जा सकता है। इसी तरह से सर्दियों में शीशे का इस्तेमाल कर तापमान को नियंत्रित करना समेत अन्य उपाय शामिल हैं। पहले ही एमआईटी में भूकंप सुरक्षा क्लीनिक केंद्र स्थापित है। यह कम खर्च भूकंपरोधी मकान के निर्माण की तकनीक की जानकारी देता है

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