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Muz / एजेंसी कर रही लापरवाही:110 करोड़ से ड्रेनेज तो बन गए पर कहीं कनेक्टिविटी नहीं

जल निकासी के लिए चल रही स्मार्ट सिटी की ड्रेनेज याेजना कराेड़ाें खर्च के बाद भी नकारा साबित हाे रही है। शहर में ड्रेनेज के बड़े प्राेजेक्ट पर काम ताे हुए हैं। लेकिन, नाले की जगह-जगह कनेक्टिविटी नहीं हाेने से यह बाॅक्स बनकर रह गया है। कहीं बिजली के पाेल और ट्रांसफाॅर्मर नहीं हटने से कनेक्टिविटी बाधित है ताे कहीं एजेंसी की लापरवाही से यह खंड-खंड में है। 9 पिछले 9 माह में 10 प्रतिशत भी पाेल-ट्रांसफाॅर्मर शिफ्ट नहीं हाे सके। माैसम विभाग के अनुसार, डेढ़ माह बाद मानसून भी दस्तक देगा। बरसात में न सिर्फ निर्माण कार्य बाधित हाेगा बल्कि जलनिकासी नहीं हाेने से एक बार फिर शहर भारी जलजमाव झेलेगा।

बावजूद इसके न ताे बिजली विभाग काे इसका फिक्र है और न ही निर्माण एजेंसी काे। जबकि लेट-लतीफी के कारण विस्तार के बाद प्राेजेक्ट पूरा करने की आखिरी डेडलाइन भी जून तक ही है। दरअसल, स्मार्ट सिटी याेजना के तहत शहर में 100 कराेड़ से अधिक की लागत से तीन प्रमुख ड्रेनेज प्राेजेक्ट का कार्य हाे रहा है। इनमें बैरिया से लक्ष्मी चाैक, ब्रह्मपुरा, महेश बाबू चाैक, इमलीचट्टी, स्टेशन राेड हाेते हुए धर्मशाला तक, धर्मशाला से टाउन थाना, तिलक मैदान राेड, सरैयागंज से सिकंदरपुर चाैक तक एवं टाउन थाना से माेतीझील, कल्याणी से हरिसभा चाैक तक ड्रेनेज का निर्माण हाे रहा है। इससे शहर के मुख्य बाजार के 70 प्रतिशत इलाके से जलनिकासी हाेनी है। ऐसे में जल्द कनेक्टिविटी नहीं हुई ताे शहर में जलजमाव हाेना तय है।

बड़ी चिंता : डेढ़ माह बाद ही बरसात देगी दस्तक, नाले नहीं जुड़े तो कैसे निकलेगा पानी

कहां-कहां नाला कनेक्टिविटी में बाधाएं

  • बैरिया से लक्ष्मी चाैक तक निर्माण लेकिन दाेनाें तरफ चाैक पर कनेक्टिविटी नहीं।
  • लक्ष्मी चाैक से ब्रह्मपुरा तक निर्माण हुआ, ब्रह्मपुरा चाैक से आगे नाला बाधित।
  • महेश बाबू चाैक से इमलीचट्टी और फिर आगे स्टेशन राेड में आधा दर्जन जगहाें पर खंड-खंड में बंटा है नाला ।
  • धर्मशाला से टाउन थाना, तिलक मैदान राेड और सिकंदरपुर इलाके में भी कनेक्टिविटी नहीं दी।

जानिए… कैसे एजेंसी कर रही लापरवाही, 9 माह में 120 बिजली पाेल-35 ट्रांसफाॅर्मर में से आधा दर्जन भी नहीं हटे

बैरिया गोलंबर से एमआईटी, लक्ष्मी चौक, ब्रह्मपुरा, इमलीचट्टी होते हुए स्टेशन रोड के रास्ते धर्मशाला चौक तक 120 बिजली खंभे व 35 ट्रांसफाॅर्मर नाला निर्माण में शिफ्ट किए जाने थे। डीएम के हस्तक्षेप के बाद स्मार्ट सिटी को एस्टीमेट देने में पहले एनबीपीडीसीएल ने 6 माह का समय लगा दिया। 9 माह पहले एस्टीमेट मिला ताे फिर स्मार्ट सिटी ट्रांसफाॅर्मर हटाने में शिथिल हाे गई।

35 में से आधा दर्जन ट्रांसफाॅर्मर भी शिफ्ट नहीं हाे सके हैं। इस वजह से बैरिया से लक्ष्मी चौक तक सबसे पहला ड्रेनेज प्राेजेक्ट अधूरा है। मेहंदी हसन चौक व स्टेशन रोड में भी टुकड़े- टुकड़े में निर्माण चल रहा है। वहीं, सवा साल में 25 प्रतिशत भी ड्रेनेज का काम तिलक मैदान रोड में बिजली खंभे और ट्रांसफाॅर्मर शिफ्ट नहीं किए जाने की वजह से नहीं हो सका है।

भास्कर एक्सपर्ट : टुकड़ों में ड्रेनेज का निर्माण होना गलत

पार्ट-पार्ट में ड्रेनेज का निर्माण तकनीकी तौर पर गलत है। सबसे पहले स्मार्ट सिटी को नाले का लेवल लेना चाहिए था। एनबीपीडीसीएल से तालमेल कर बिजली पोल और ट्रांसफाॅर्मर शिफ्ट करने के बाद एक तरफ से नाला का निर्माण होना चाहिए। टुकड़े- टुकड़े में नाले का निर्माण आने वाले समय में बड़ी मुसीबत बनेगी। जबकि, पिछले 5 वर्षाें से बड़े प्राेजेक्ट पर काम हाे रहा है। -ब्रजेश्वर ठाकुर, इंजीनियर

अगले माह तक नाले कनेक्ट करने का दिया गया है आदेश

एजेंसी को अगले माह के अंत तक नाले की कनेक्टिविटी पूरा करने का आदेश दिया गया है। अखाड़ाघाट रोड में ट्रांसफाॅर्मर का इश्यू था। वहां जाकर खुद मैंने शिफ्ट करवाया है। अन्य जगहाें पर भी शिफ्ट करने का काम चल रहा है। फेस लिफ्टिंग से जो नाला बनाया गया है, उसमें समस्या नहीं है। हरिसभा चौक से टाउन थाना तक नाले का काम कंप्लीट है। -नवीन कुमार, एमडी, स्मार्ट सिटी मुजफ्फरपुर

निर्माणाधीन नाले की कनेक्टिविटी जरूरी

^शहर को डूबने से बचाना है तो नाले की कनेक्टिविटी जरूरी है। स्मार्ट सिटी की एडवाइजरी कमेटी में यह मुद्दा उठाया है। कनेक्टिविटी कितने जगह नहीं हुई, स्मार्ट सिटी के पास भी यह डाटा नहीं है। जबकि, डेढ़ माह बाद ही बरसात दस्तक देगी। -डॉ. इकबाल मो. समी, मेंबर, एडवाइजरी कमेटी

एसटीपी अाैर ड्रेनेज का भी यही है हाल

स्मार्ट सिटी ही नहीं बुडकाे की याेजनाअाें का भी यही हाल है। मिठनपुरा से नारायणपुर तक बनाए जा रहे एसटीपी के बड़े नाले में भी जगह-जगह खंड-खंड में है। इससे शहर का पूर्वी अाैर दक्षिणी इलाका बरसात के दौरान काफी प्रभावित हाेगा।

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