सारण के डीएम अमन समीर का हाल में जारी फरमान चर्चा का विषय बना हुआ है। DM ऑफिस में सोमवार को हुई कार्य संस्कृति की मीटिंग में जींस पहनने पर पाबंदी वाले निर्देश के बाद प्रशासनिक कर्मियों में हड़कंप है।
जिला मुख्यालय सहित सभी अनुमंडल और प्रखंड कार्यालय में पहनावे पर आए आदेश को लेकर चर्चा है। जिलाधिकारी ने सभी कर्मचारियों को फॉर्मल कपड़े पहनकर आने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि इस बारे में डीएम से लेकर कर्मचारी तक कुछ बोलने को तैयार नहीं है। आज जिला मुख्यालय से लेकर अनुमंडल और प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों का पहनावा मिलाजुला रहा है।
कुछ कर्मचारी फॉर्मल ड्रेस में थे तो कुछ जींस और टी-शर्ट में भी नजर आए। कर्मचारियों से पहनावे संबंधित सवाल पूछे जाने पर वह कैमरे से बचते नजर आए।

समाहरणालय समेत अन्य कार्यालयों के कर्मियों का कहना है कि जिलाधिकारी के आदेश का पालन किया जाएगा।
बात करने लायक मुद्दा नहीं है- DM
मामले में मोबाइल पर बात करते हुए DM अमन समीर ने कहा कि इस तरह की जानकारी के लिए जनसंपर्क से बातचीत करें। यह इतना प्रमुख मुद्दा नहीं है कि इस पर बात की जाए।
डीपीआरओ कन्हैया कुमार ने बताया कि इस तरह का कोई आदेश लिखित तौर पर जारी नहीं हुआ है। कार्य संस्कृति की मीटिंग के दौरान सभी कर्मियों को फॉर्मल और ऑफिशियल ड्रेस कोड में आने की सलाह दी गई थी।
कहा गया है कि सभी कर्मचारियों को पूरी जानकारी के साथ परिचय पत्र लगाना अनिवार्य है। जींस, टी-शर्ट और पायजामा-कुर्ता ऑफिशियल ड्रेस में नहीं आता है। सभी लोगों को इस तरह के पहनावे से बचना चाहिए।
डीएम के आदेश का पालन करेंगे- कर्मचारी
जींस पहनने की मनाही पर कर्मियों से बातचीत की गई तो सभी से अलग-अलग तरह के जवाब मिले। मद्य निषेध विभाग में कार्यरत कर्मचारी रवि कुमार ने बताया कि अख़बार के माध्यम से इस तरह की खबर की जानकारी मिली है।
जिलाधिकारी के आदेश का पालन किया जाएगा। वैसे जींस ऑफिशियल ड्रेस में नहीं आता है। सभी कर्मचारियों को गलत पहनावा से बचना चाहिए।
लिखित आदेश की जानकारी नहीं
जिला ग्रामीण विकास कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी चंद्र भूषण कुमार ने बताया कि इस तरह के कोई लिखित आदेश की जानकारी नहीं मिली है। जिलाधिकारी के इस आदेश का स्वागत है। अधिकारी और कर्मचारी को कार्यालय संबंधित कार्यों के लिए फॉर्मल ड्रेस में रहना चाहिए।



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