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पांच राज्यों के साथ राज्य सरकार का समझौता:बिहार से 5 पड़ोसी राज्यों के लिए 350 रूट पर चलेंगी 1000 बसें

प्रदेश के लोगों को यूपी, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और झारखंड आने-जाने के लिए अब ट्रेन के भरोसे नहीं बैठना पड़ेगा। इन राज्यों में आने-जाने के लिए सरकार ने 350 रूट का चयन किया है जहां पर 1000 बसेें चलेंगी। यह सुविधा जुलाई से मिलने लगेगी।

बसें पटना,भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, आरा, गया, सीतामढ़ी, औरंगाबाद सहित अन्य जिलो से खुलेेंगी। 1000 बसों में 200 लग्जरी होंगी। नई सुविधा से प्रदेश के करीब एक लाख से अधिक लोगों को सीधा फायदा होगा। जरूरत के अनुसार बसों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।

बिहार से बस खुलने के बाद एक-दो राज्यों से गुजरने के दौरान आने वाले जिलों को मार्गो में जोड़ा गया है। जो छूट गया है। उसकाे भी सर्वे करके जोड़ा जाएगा। सभी रूट पर परिचालन के लिए परमिट प्रक्रिया चल रही है।

दिल्ली के लिए भी 10 मार्गों पर 5 बसें चलाने की तैयारी
प्रदेश के विभिन्न जिला से दिल्ली आने-जाने के लिए रूटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसको लेकर दिल्ली सरकार और राज्य सरकार के बीच मथन चल रहा है। पटना, गया, मुजफ्फपुर और भागलपुर से दिल्ली आने-जाने के लिए पर्याप्त लग्जरी बसों का परिचालन किया जाएगा। करीब दस मार्गों पर बस परिचालन किया जा सकता है। इन मार्गों पर करीब पांच लग्जरी बसों का परिचालन किया जाएगा।

जरूरत के हिसाब से बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी
झारखंड: रांची, देवघर, धनबाद, जमशेदपुर, रामगढ़, बोकारो समेत एक दर्जन जिले
उत्तर प्रदेश: आगरा, इलाहाबाद, बलिया, देवरिया, लखनऊ, वाराणसी, महाराजगंज, गोरखपुर, गाजियाबाद, कानपुर समेत 15 जिले जुड़ेंगे।
पश्चिम बंगाल: कोलकाता, दार्जिलिंग, हावड़ा, हुगली, मालदह, बांकुड़ा, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, वर्धमान, पश्चिमी वर्धमान समेत 13 जिले
छत्तीसगढ़: रायगढ़, रायपुर, बिलासपुर
ओडिशा: जांजगीर-चांपा, बलरामपुर, बीजापुर समेत एक दर्जन जिले जुड़ेंगे।

1200 बसों का किया जा रहा परिचालन
पटना सहित प्रदेश के विभिन्न जिलो से परिवहन निगम के द्वारा 1200 बसों का परिचालन किया जा रहा है। सभी बसें पीपीपी मोड पर चल रही है। इन बसों का किराया परिवहन विभाग के द्वारा निर्धारित किया गया है। सफर करने वाले यात्रियों से अधिक किराया वसूलने की झंझट नहीं है। करीब 1000 और पीपीपी मोड पर बस बढ़ाने की कवायद जारी है। बढ़ने के बाद निगम के पास करीब 2200 बसें हो जाएगी।

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