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जानिए बिहार में बिजली चोरों ने कैसे बढ़ाई मुश्किल

बिहार में बिजली चोरों ने गर्मी में मुसीबत बढ़ा दी है। लोड के साथ ट्रिपिंग बढ़ गई है। चोरों की चालाकी पर अब शिकंजा कसने की तैयारी है। बिजली विभाग ने अब ऐसी प्लानिंग करने जा रहा है जिससे चोरों को पकड़ना आसान हो जाएगा। इससे बिजली कंपनी के तकनीकी और व्यवसायिक नुकसान पर भी पूरी तरह से अंकुश लग जाएगा। इसके लिए वितरण सेक्टर के लिए रिवैंप स्कीम तैयार की गई है जिसके तहत बिहार में 50 हजार सर्किट किलो मीटर में बिजली के तार बदले जाएंगे। इसके लिए 2700 करोड़ रुपए के बड़े बजट से सिस्टम तैयार किया जाएगा। इस बड़ी योजना में केंद्र से भी सहायता मिलनी है।

एल टी लाइन की जगह एरियल बंच केबिल

बिजली विभाग में एलटी लाइन के तार को बदलने की बड़ी तैयारी चल रही है। वर्ष 20222 में ही इस योजना पर काम शुरु हो जाएगा। कई चरण में इसका काम किया जाएगा। बिजली विभाग से जुड़े लोगों के मुताबिक एलटी लाइन बदलकर उसकी जगह एरियल बंच केबिल लगाए जाएंगे। एलटी लाइन को बदलने के पीछे बड़ी प्लानिंग सह है कि इसमें कटिया फंसाकर बिजली चोरी करना आसान होता है। बिजली कंपनियों को इससे काफी नुकसान होता है। इससे बिजली कंपनियों को काफी नुकसान होता है। वहीं एरियल बंच केबिल लगाने से कटिया फंसाकर चोरी करना नामुमकिन होगा। इससे तार टूटकर गिरने पर भी या इसके संपर्क में आने से भी कोई नुकसान नहीं होगा। बिजली कंपनियों को लाइन लास में भी काफी कमी आएगी।

बिजली चोरों के खिलाफ रिवैंप स्कीम

बिहार में बिजली चोरी की घटना को रोकने के लिए ही रिवैंप स्कीम का इस्तेमाल किया जा रहा है। कंपनी को बिजली चोरी से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए और तकनीकी गड़बड़ियों से होने वाले नुकसान को कम करने को लेकर ही बड़ी प्लानिंग है, इसी योजना के तहत रिवैंप स्कीम को चलाया जा रहा है। कुछ दिन पूर्व केंद्रीय उर्जा मंत्री आर के सिंह के सामने बिजली कंपनी की तरफ से इस मामले में एक प्रजेंटेशन भी दिया गया और फिर अलग अलग प्रस्ताव भी भेजा गया। इसमें एलटी लाइन केबल को भी बदलने की मांग है।

जानिए बिहार में कितना है बिजली चोरी का खतरा

बिहार में डेढ़ से दो लाख सर्किट किलो मीटर एलटी लाइन है। कई ऐसे इलाके हैं जहां इस लाइन से बिजली की चोरी आसान हो गई है। शहरों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी की मामले अधिक आ रहे हैं। बहुत से इलाकों में लोगों ने बांस बल्ली के सहारे लाइन दौड़ा लिया है। इस कारण से बिजली कंपनियों को काफी नुकसान हो रहा है। अब यही तैयारी है कि 2700 करोड़ रुपए खर्च कर वितरण सेक्टर के लिए रिवैंप स्कीम के तहत एरियल बंच केबल लगाया जाएगा जिससे बिजली चोरी की समस्या पर पूरी तरह से काबू पा लिया जाएगा।

जानिए बिहार में बिजली चोरो का ट्रिक

  • मीटर की बाइपास वायरिंग कराकर बिजली चोरी
  • तारों और पोलों पर डंडे के सहारे बिजली की चोरी
  • एककनेक्शन के साथ संबंधित तार से बिजली की चोरी
  • एक कनेक्शन से बाइपास वायरिंग से अधिक लोड चलाना
  • एलटी लाइन में तार फंसाकर बिजली की चोरी करना

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