नालंदा: नालंदा जिले के प्रसिद्ध शीतलामाता मंदिर में हुए दर्दनाक हादसे के बाद बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक और मंदिर प्रबंधन की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण बताया। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दीपनगर थाना प्रभारी (SHO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक उजागर
डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि इतने बड़े आस्था केंद्र पर भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस की पर्याप्त और प्रभावी व्यवस्था नहीं थी, जो बेहद गंभीर और अक्षम्य लापरवाही है। उन्होंने कहा कि ऐसी जगहों पर सुरक्षा प्रबंधन का मजबूत होना अनिवार्य है।

मंदिर के ढांचे पर भी उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने मंदिर की संरचना पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि मंदिर की सीढ़ियों में अत्यधिक ढलान है, जिससे भीड़ के दबाव में किसी के फिसलने से भगदड़ की स्थिति बन सकती है। उन्होंने इसे दुर्घटना का एक अहम कारण माना।

प्रबंधन पर लगे गंभीर आरोप
डीजीपी विनय कुमार ने मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उनका ध्यान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के बजाय केवल दान और दक्षिणा पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि यह रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव
डीजीपी ने न्यास परिषद के अध्यक्ष रणबीर नंदन से चर्चा के दौरान कहा कि जहां हजारों की भीड़ जुटती है, वहां प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे तुरंत सुधारने के निर्देश दिए।
CCTV फुटेज खंगालने के निर्देश
स्थानीय लोगों द्वारा पुजारियों पर दक्षिणा के लालच में श्रद्धालुओं को अनावश्यक रूप से रोकने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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