अप्रैल में ही शहर में जलसंकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बूढ़ी गंडक नदी इलाके में भी मोटर पंप पानी उगलने में हांफ रहे हैं। कई इलाके में तो चापाकल पानी भी छोड़ने लगे हैं। शहर के अखाड़ाघाट व शुक्ला रोड में जिस तरह से पानी का लेयर गिर रहा है, वह खतरे की घंटी है। आने वाले समय में अगर बारिश नहीं हुई तो शहर का जलस्तर और तेजी से गिरेगा।
नगर निगम ने शहर में जलसंकट को देखते हुए जलस्तर की मापी कराई है। जिसमें महज 20 दिनों में शहर के कई इलाके में 3 से 4 फीट तक लेयर गिरने की बात सामने आई है। मिठनपुरा, पीएनटी, भगवानपुर, दाउदपुर कोठी इलाके में स्थिति थोड़ी राहत भरी है। लेकिन, नगर निगम के बाकी 80% मोटर पंप का लेयर औसत लेयर से 10 से 12 तक नीचे गिर गया है।
मिठनपुरा जगदीशपुरी के सूरज का कहना है कि निगम की पाइपलाइन से पानी नहीं मिल रहा है। दिन भर पानी की किल्लत बनी रहती है। शुक्ला रोड के मोहम्मद नबी आलम बताते हैं कि रमजान के समय में इलाके में पानी की किल्लत पैदा हो गई है। सिकंदरपुर प्रभात जर्दा फैक्ट्री रोड,अखाड़ाघाट, सिकंदरपुर व काली मंदिर इन सभी इलाके में पानी का लेयर गिरने से पानी संकट हो गया है। स्थानीय वार्ड पार्षद रतन शर्मा व सुनीता भारती का कहना है कि लगातार पानी संकट पैदा हो गया है।
चार दिनों से पानी नहीं : मोटरपंप में गड़बड़ी से अखाड़ाघाट इलाके में पानी काे लेकर हाहाकार, टैंकर से पहुंचाया गया
अखाड़ाघाट पंप हाउस में गड़बड़ी की वजह से इलाके में पानी को लेकर हाहाकार मच गया है। बुधवार की शाम सिकंदरपुर स्थित राणी सती मंदिर समेत कई स्थानों पर टैंकर से पानी पहुंचाया गया। निगम प्रशासन का दावा है कि पंप का फॉल्ट दूर कर लिया गया है। वार्ड 14 के पार्षद रतन शर्मा ने कहा कि 4 दिनों से यही स्थिति है। गर्मी में भी निगम प्रशासन पानी संकट काे गंभीरता से नहीं लेता है।
यह समस्या अखाड़ाघाट इलाके में ही नहीं है। प्रभात जर्दा फैक्ट्री से लेकर सिकंदरपुर राणी सती मंदिर तक यही स्थिति है। नगर निगम की ओर से मंगलवार को भी टैंकर भेजा गया था। इससे लोगों को थाेड़ी राहत मिली। वार्ड 13 की पार्षद सुनीता भारती का कहना है कि गर्मी में पानी को लेकर नगर निगम को सजग होना होगा। गरीबों की बस्ती में बहुत कम के पास सबमरसेबल है।

13 अप्रैल को पूर्वी क्षेत्र का जलस्तर
अखाड़ाघाट पंप हाउस 37.5 फीट
वाणिज्य कॉलेज पंप हाउस 33.5 फीट
शुक्ला रोड पंप हाउस 37 फीट
Eबेदा नया पंप हाउस 29 फीट
आबेदा पुराना पंप हाउस 28 फीट
जेल पंप हाउस 35 फीट
चंदवारा पंप हाउस 32 फीट
मारवाड़ी स्कूल पंप हाउस 33 फीट
राजपूत टोला पंप हाउस 16 फीट
दुर्गा स्थान पंप हाउस 25 फीट
जिला स्कूल पंप हाउस 32 फीट
शहर में पानी का लेयर 37 फीट तक जाना गंभीर चिंता की विषय है। सामान्य तौर पर 20 से 25 फीट तक लेयर रहता है। पानी को बचाना होगा। पिछले 20 दिनों में जिस तरह पानी का लेयर तीन से चार फीट गिरा है, वह खतरे की घंटी है। मई में और ज्यादा परेशानी बढ़ेगी। – एसपी यादव, अधीक्षण अभियंता सेवानिवृत जल संसाधान विभाग



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