मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना के पचरुखिया गांव में भाई को बचाने में तालाब में डूबकर बच्ची की मौत हो गई। इस सदमे में दो घन्टे बाद उसके दादा ने भी दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार और गांव में कोहराम मच गया। होली की खुशियां मातम में बदल गयी। मृत बच्ची की पहचान राजकुमार राय की बेटी अनुष्या (8) और उसके दादा की पहचान अशर्फी राय (65) के रूप में हुई है।
घटना के बाद परिवार वालों का रो-रोकर हाल बेहाल है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृत बच्ची के चाचा रामबाबू राय ने बताया कि अनुष्या और उसका भाई यश (11) गांव के एक तालाब में नहाने गया था। इसी क्रम में यश गहरे पानी में चला गया और वह डूबने लगा। भाई को डूबता हुआ देखकर अनुष्या मदद के लिए चिल्लाने लगी। लेकिन, वहां आसपास उसे कोई नहीं दिखा।
जीवन का बलिदान देकर भाई को बचाया
अनुष्या को जब अपने भाई को बचाने की कोई उम्मीद कहीं से नहीं दिखी तो वह खुद गहरे पानी मे जाकर भाई को बचाने की जद्दोजहद करने लगी। उसका हाथ पकड़कर खींचने लगी। इस बीच वह खुद भी डूब रही थी। लेकिन, भाई को पानी से निकालने में जुटी रही। अंततः उसने अपने भाई को गहरे पानी से खींचकर बचा लिया। लेकिन, बदले में अपनी जान कुर्बान कर दी। उक्त घटनाक्रम की जानकारी यश ने अपने परिजन को दी।
लाश देखते ही सदमे में डूब गए दादा
अनुष्या के पिता राजकुमार एक मठ में पूजापाठ करते हैं। दादा अशर्फी राय के लिए उनका पोता-पोती ही इस उम्र में सबकुछ थे। पूरे दिन बच्चों के साथ ही रहते थे। बच्चे भी दादा के साथ ही खेलते-कूदते रहे। लेकिन, जैसे ही अनुष्या का शव दरवाजे पर पहुंचा। दादा को सदमा लगा और वह अचेत अवस्था मे चले गए। सिर्फ आंख से आंसू निकल रहा था। बोलने के किये न शब्द बचे और रोने के लिए आवाज।
परिजन बताते हैं कि वे कुछ दिनों से बीमार भी थे। लेकिन, पोती के शव देखकर उन्हें बहुत सदमा पहुंचा था। जबतक परिजन कुछ सोचते-समझते। उन्होंने भी शव के पास ही दम तोड़ दिया। एक ही आंगन में दो-दो शव देखकर ग्रामीणों में मातमी सन्नाटा पसर गया।



Comment here