पटना: चुनावी साल में बिहार में इफ्तार पॉलिटिक्स जारी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद आज आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव भी इफ्तार पार्टी देंगे. हालांकि इसका आयोजन राबड़ी आवास की बजाय पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी के आवास पर होगा. कई सियासी दलों के नेताओं के साथ-साथ मुस्लिम समाज के लोगों को बुलावा भेजा गया है.
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सिद्दीकी के आवास पर होगा पार्टी: लालू प्रसाद हर साल अपने सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड पर इफ्तार पार्टी का आयोजन करते थे लेकिन आज लालू अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद के सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी के सरकारी आवास 12 स्टैंड रोड पर किया जाएगा. इफ्तार पार्टी में शामिल होने के लिए लालू ने खुद पत्र लिखकर लोगों से आग्रह किया है.

महागठबंधन के लोगों को न्योता: आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद का कहना है कि लालू यादव की ओर से आयोजित इफ्तार पार्टी में शामिल होने के लिए महागठबंधन के सभी घटक दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है. इसके अलावा बुद्धिजीवियों, समाज के सभी तबके के लोगों और रोजेदारों को इफ्तार पार्टी में शामिल होने के लिये आग्रह किया गया है.

इफ्तार के बहाने सियासत: रमजान के महीने में राजनीतिक दलों की ओर से इफ्तार पार्टी देने की परंपरा रही है. वरिष्ठ पत्रकार सुनील पांडेय का कहना है कि लालू प्रसाद 1990 में बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, तब से हर साल इफ्तार पार्टी का आयोजन करते रहे हैं. अल्पसंख्यक वोटरों की गिनती लालू प्रसाद के कोर वोटर में होती है. 1990 ई से लेकर अब तक आरजेडी का वोट बैंक मुस्लिम यादव यानी माय समीकरण रहा है.

नीतीश-चिराग की इफ्तार पार्टी का विरोध: वरिष्ठ पत्रकार सुनील पांडेय ने कहा कि वक्फ संसोधन बिल को लेकर जेडीयू के रुख के कारण मुस्लिम धार्मिक संगठनों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी का विरोध किया था. हालांकि धार्मिक संगठनों के बहिष्कार वाले पत्र के बावजूद भारी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग उनकी इफ्तार पार्टी में शामिल हुए थे लेकिन वक्फ संशोधन विधेयक के नाम पर मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ आक्रोश है.
लालू को मिलेगा मुस्लिम समाज का साथ: सुनील पांडेय कहते हैं कि लालू प्रसाद यादव राजनीति के माहिर खिलाड़ी हैं. वह जानते हैं कि किस समय में किस तरह की राजनीति करनी चाहिए. यही कारण है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी से अल्पसंख्यक समुदाय की नाराजगी की खबर के अगले दिन ही आरजेडी की तरफ से इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया है. और सभी धार्मिक इस्लामिक संगठनों को इस इफ्तार पार्टी में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है ताकि यह मैसेज लोगों के बीच दिया जा सके कि मुस्लिम का यदि बिहार में कोई सच्चा हमदर्द है तो वह राजद और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद हैं.
सीएम आवास पर हुई थी इफ्तार पार्टी: रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सरकारी आवास पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था. हालांकि कई मुस्लिम संगठनों ने मुस्लिम समाज से दावत में शामिल न होने की अपील की थी, इसके बावजूद बड़ी तादाद में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शिरकत की.



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