पटना प्रशासन के आदेश के खिलाफ पटना गंगा पाथवे रात के 11 बजे के बाद भी गुलजार रहता है। यहां हो रही घटनाओं पर रोकथाम के लिए प्रशासन ने एक फैसला लिया। प्रशासन ने साफ कर दिया था कि रात 11 बजे के बाद गंगा पाथवे पर किसी तरह की दुकान या फुड स्टॉल नहीं खुला रहेगा। अगर खुला पाया गया तो ठेला को जब्त कर लिया जाएगा।
मरीन ड्राइव के दुकानों को बंद करने का क्यों हुआ था फैसला
हाल ही के दिनों में पटना के गंगा पाथवे पर दुकान लगाने और दुकान चलाने के बदले रंगदारी मांगने के लिए 2 गुटों में जम कर बवाल हुआ था। इस घटना में मुख्य आरोपी निलेश मुखिया था। दूसरे पक्ष के सम्मुख सुंदरम ने निलेश पर रंगदारी मांगने और दुकान तोड़ कर फेंक देने और मारपीट का आरोप लगाया था। फिलहाल गोली लगने के बाद गंभीर हालत में निलेश को इलाज के लिए पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रात के 12 बजे जन्मदिन मनाते हुए लोग
पुलिस की तरफ से क्या हुआ था फैसला
दुकान पर कब्जा करने को लेकर स्टॉल मालिकों के बीच हुई हाथापाई की घटनाओं को देखते हुए गंगा पाथवे पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखने का फैसला लिया गया। जिसके तहत सभी दुकानें और फूड स्टॉल रात 11 बजे तक बंद करना सुनिश्चित किया गया। साथ ही रोड रेज, बाइक रेस, बाइक स्टंट और गंगा पथ क्षेत्र में असामाजिक तत्वों के जमावड़ जमावड़ा रोकने के लिए पटना एसएसपी राजीव मिश्रा के निर्देशानुसार दीघा, पाटलिपुत्र और बुद्धा कॉलोनी थाने को अपने-अपने क्षेत्र में एक-एक पेट्रोलिंग पार्टी तैनात करना था।
112 मोबाइल वैन की टीमों को अपने क्षेत्र में राउंड बढ़ाने का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा दो डॉल्फिन मोबाइल टीम को भी तैनाती की गई थी।
इसकी पड़ताल करने टीम गंगा पाथवे पहुंची। जहां रात के 11:45 में पहुंचने पर हमने देखा कि प्रशासन द्वारा दिए गए आदेश का पालन ना दुकानदार कर रहे, ना आम लोग और ना ही पुलिस। कुछ एक दुकानों को छोड़ कर ज्यादातर दुकानें खुली हुई है। मरीन ड्राइव के शुरू होते ही कई दुकानें खुली मिली। कुछ दुकानदार अपनी दुकान बंद भी कर रहे थे।




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